भाजपा ने पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद के लिए मालवा से सिख चेहरे पर लगाया दांव
भाजपा ने पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद के लिए मालवा से सिख चेहरे पर लगाया दांव
चंडीगढ़, 28 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद के लिए सिख चेहरे के रूप में केवल सिंह ढिल्लों को बृहस्पतिवार को चुना।
ढिल्लों राज्य के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने मालवा क्षेत्र से आते हैं, जहां पंजाब विधानसभा की 117 में से 69 सीटें आती हैं। राज्य में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
उद्योगपति-नेता ढिल्लों को 1980 के दशक में उग्रवाद के दौर में पंजाब में पेप्सिको को लाने का श्रेय दिया जाता है, जब राज्य में कोई भी निवेश करने को तैयार नहीं था।
भाजपा द्वारा पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष के रूप में नाम की घोषणा के बाद पूर्व विधायक ढिल्लों (76) ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में भाजपा सरकार बनाएगी। वह पार्टी की प्रदेश इकाई का नेतृत्व करने वाले पहले जाट सिख नेता होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब में सरकार बनाने के बाद हम इसे सभी क्षेत्रों में नंबर एक राज्य बना देंगे। पश्चिम बंगाल के बाद अब पंजाब में भी कमल खिलेगा।’’
ढिल्लों बरनाला से दो बार विधायक रह चुके हैं। वह 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। हालांकि, 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। ढिल्लों 2022 में भाजपा में शामिल हुए और बाद में पार्टी की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए।
ढिल्लों ने सुनील जाखड़ का स्थान लिया है, जिन्हें जुलाई 2023 में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सूत्रों के अनुसार, पंजाब भाजपा के कुछ नेता लंबे समय से पार्टी की प्रदेश इकाई की कमान किसी सिख चेहरे को सौंपने की मांग कर रहे थे।
भाजपा पंजाब के मालवा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि इस इलाके में अच्छा प्रदर्शन करने वाली किसी भी पार्टी के सरकार बनाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने मालवा क्षेत्र में बड़ी चुनावी बढ़त हासिल कर सत्ता तक पहुंच बनाई थी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरह ढिल्लों का राजनीतिक आधार भी संगरूर क्षेत्र ही है। हालांकि, ढिल्लों के सामने एक कठिन चुनौती है क्योंकि पार्टी के पास वर्तमान में 117 सदस्यीय विधानसभा में केवल दो विधायक हैं।
जहां तक ढिल्लों के कारोबारी हितों का सवाल है, उन्होंने ढिल्लों समूह के माध्यम से एक बड़ा पेय पदार्थ कारोबार खड़ा किया और बाद में अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार किया।
भाषा आशीष माधव
माधव

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