भाजपा ‘भेड़ की खाल में भेड़िए’ की तरह है : सतीशन ने एफसीआरआए संशोधन विधेयक के संदर्भ में कहा
भाजपा ‘भेड़ की खाल में भेड़िए’ की तरह है : सतीशन ने एफसीआरआए संशोधन विधेयक के संदर्भ में कहा
कासरगोड (केरल), चार अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता वी डी सतीशन ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह ‘‘भेड़ की खाल में भेड़िए’’ की तरह है, जो क्रिसमस पर बिशप के घरों और गिरजाघरों में केक लेकर जाती है, लेकिन केंद्र में एफसीआरए संशोधन विधेयक जैसे कानून लाती है जिसका असर ईसाई समुदाय पर पड़ता है।
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सतीशन ने दावा किया कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों के तहत केंद्र सरकार को विदेश से निधि पाने वाली संस्थाओं के लाइसेंस किसी भी कारण से नवीनीकृत करने से इनकार करने का अधिकार मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं का लाइसेंस नवीनीकृत नहीं होगा, उनकी संपत्तियां भी केंद्र अपने नियंत्रण में ले सकता है।
कासरगोड में पत्रकारों से बातचीत में सतीशन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी को इस विधेयक के प्रस्तावित संशोधनों को पढ़ना चाहिए।
गोपी ने हाल ही में दावा किया था कि यह संशोधन किसी विशेष धर्म या समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं है, बल्कि देश के लोगों के हितों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए है।
सतीशन ने कहा कि एफसीआरए को कांग्रेस ने अवैध विदेशी चंदे को रोकने के लिए लागू किया था, लेकिन हाल के प्रस्तावित संशोधन ‘‘खतरनाक’’ हैं क्योंकि वे कथित रूप से अल्पसंख्यक समुदायों की संपत्तियों पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘जल्द ही वे एक चर्च विधेयक भी लाएंगे, जैसे उन्होंने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘वे यहां भेड़ की खाल में भेड़िए बनकर आते हैं, खुद को सच्चा दिखाते हैं और केक बांटते हैं, जबकि केंद्र में ऐसे कानून लाते हैं।’’
सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का समर्थन ले रही है, जो प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आगामी नौ अप्रैल के विधानसभा चुनाव में हार के डर से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) हिंसा का सहारा ले रहा है।
सतीशन ने कहा कि शुक्रवार शाम कांग्रेस सांसद शशि थरूर के सुरक्षाकर्मी पर हमला, उनकी गाड़ी को रोकना और कन्नूर व अन्य स्थानों पर यूडीएफ की प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाना इसी का हिस्सा है।
भाषा
गोला नेत्रपाल
नेत्रपाल

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