Shikshamitra-Anudeshak Salary Hike: शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी सौगात, मानदेय में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी, खुद सीएम ने किया ऐलान, इसी महीने से होगा लागू

Shikshamitra-Anudeshak Salary Hike: शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी सौगात, मानदेय में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी, खुद सीएम ने किया ऐलान, इसी महीने से होगा लागू

Shikshamitra-Anudeshak Salary Hike: शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी सौगात, मानदेय में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी, खुद सीएम ने किया ऐलान, इसी महीने से होगा लागू

Shikshamitra-Anudeshak Salary Hike | Photo Credit: IBC24

Modified Date: April 4, 2026 / 02:52 pm IST
Published Date: April 4, 2026 2:52 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि
  • कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा: ₹5 लाख तक की चिकित्सा सुविधा
  • 1 से 15 अप्रैल तक हर शिक्षक और अनुदेशक की सक्रिय भागीदारी

वाराणसी: Shikshamitra-Anudeshak Salary Hike शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। सीएम योगी के इस ऐलान के बाद अब अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा, जो कि इसी महीने से लागू की जाएगी।

Shikshamitra-Anudeshak Salary Hike दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ आज शनिवार को ‘स्कूल चलो अभियान’ के शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये का मानदेय इसी महीने से लागू किया जाएगा। साथ ही सरकार पांच लाख रुपये कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि, ‘आपने देखा होगा अभी हाल ही में हमारी सरकार ने कुछ निर्णय लिए हैं। अनुदेशकों को सत्रह हज़ार रुपए का मानदेय, शिक्षा मित्रों को अठारह हज़ार रुपए का मानदेय। इसी महीने से हम लागू करने जा रहे हैं। शिक्षक, शिक्षामित्र, रसोईया या फिर अनुदेशक इन सभी को हम लोगों ने व्यवस्था की है। पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार उसमें योगदान कर रही है।’

योगी ने आगे कहा, ‘आप सब से अनुरोध होगा पहली से लेकर के 15 अप्रैल तक के पंद्रह दिन तक स्कूल चलो अभियान के साथ हर शिक्षक को जुड़ना चाहिए। अच्छा होगा प्रधानाचार्य किसी दिन सभी अभिभावकों के साथ भी बैठे। फिर सुबह विद्यालय अगर आठ बजे प्रारंभ हो रहा है, सात बजे आप घर से निकल करके उस गांव में अलग-अलग शिक्षक अलग अलग मोहल्ले में एक बार राउंड लगाते हुए जाएं। हर अभिभावक का घर खटखटाए और दस्तक दीजिए। बोलिए आपका बच्चा स्कूल से वंचित तो नहीं। सब कुछ सरकार फ्री में दे रही है। आप अपना रजिस्ट्रेशन करवाइए। चलो अपने हाथ से बच्चे को स्कूल लेकर जाइए। कोई बच्चा छूटने न पाए। यह संकल्प जब हर शिक्षक का होगा, हर शिक्षामित्र, हर अनुदेशक का होगा।’

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