भाजपा असम के मूल निवासी मुसलमानों के नहीं बल्कि घुसपैठियों के खिलाफ है: शाह
भाजपा असम के मूल निवासी मुसलमानों के नहीं बल्कि घुसपैठियों के खिलाफ है: शाह
(फोटो के साथ)
कलियाबोर (असम), दो अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि भाजपा असम के मूल निवासी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है और वह केवल घुसपैठियों के खिलाफ है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में राज्य में अवैध प्रवास को बढ़ावा दिया गया।
यहां असम गण परिषद (एजीपी) के केशव महंत के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और एजीपी का गठबंधन ‘सूरज और चंद्रमा की तरह’ है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वह यह सपना देखना बंद करें कि यह साझेदारी खत्म हो जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को घुसपैठियों के हवाले कर दिया, जिन्होंने वन भूमि पर अतिक्रमण किया और एक सींग वाले गैंडों को खतरे में डाल दिया।
उन्होंने कहा, “ राजग सरकार ने अतिक्रमणकारियों को हटाया और यह सुनिश्चित किया कि काजीरंगा एक बार फिर विश्व पर्यटन मानचित्र पर आए।”
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि जब अतिक्रमित जमीन से घुसपैठियों को हटाया जाता है, तो कांग्रेस इसे धार्मिक राजनीति के रूप में पेश करने की कोशिश करती है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने घुसपैठियों को बसाया, और जब उन्हें हटाया जाता है, तो पार्टी इसे हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बनाने की कोशिश करती है। मैं साफ करना चाहता हूं कि भाजपा घुसपैठियों के खिलाफ है और असम के मूल मुसलमानों के खिलाफ नहीं है।”
शाह ने यह टिप्पणी विपक्षी पार्टियों के इन आरोपों के बाद की है कि भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले असम के लोगों को धर्म के आधार पर बांट रही है।
शाह ने आरोप लगाया कि असम में अपने 15 साल के शासन के दौरान कांग्रेस ने राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं किया।
शाह ने राज्य के दौरे पर आए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा, “कांग्रेस ने अपने शासन के दौरान राज्य के लिए क्या किया?”
उन्होंने आरोप लगाया, “ पूर्व प्रधानमंत्री (दिवंगत) मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा सदस्य थे, लेकिन न तो उस समय की केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार ने इसके विकास के लिए कुछ किया।”
शाह ने कहा कि जब कांग्रेस केंद्र में सत्ता में थी, तो उसने 10 साल में असम को केवल 1.28 लाख करोड़ रुपये दिए।
उन्होंने कहा, “लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 से 2024 के बीच राज्य को 9.78 लाख करोड़ रुपये दिए।”
उन्होंने कहा कि केंद्र ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1.35 लाख करोड़ रुपये दिए और राजमार्ग, रेलवे, जलमार्ग, हवाई अड्डे, नौ मेडिकल कॉलेज और कई इंजीनियरिंग कॉलेजों का निर्माण कराया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने जगिरोड़ में 27,000 करोड़ रुपये के खर्च पर सेमीकंडक्टर चिप सुविधा स्थापित करने की पहल की।
उन्होंने कहा, “भाजपा ने राज्य की विरासत को संरक्षित करने के कदम उठाए, विदेशियों के खिलाफ असम आंदोलन के शहीदों के लिए एक स्मारक बनाया, महान अहोम सेनापति लछित बोड़फुकन की 80 फुट की प्रतिमा बनवाई और उनके कार्यों को देश के सभी कोनों तक पहुंचाया।”
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारों ने असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई और प्रसिद्ध गायक भूपेन हज़ारिका को भारत रत्न नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “भाजपा ने असमिया भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया और पूरे राज्य में विकास सुनिश्चित किया।”
भाजपा नेता ने अपनी पार्टी और असम जनता पार्टी (एजीपी) के गठबंधन को ‘सूरज और चंद्रमा’ जैसा बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस यह अफवाह फैला रही है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन जल्द ही टूट जाएगा।
उन्होंने कहा, “राहुल बाबा, सपना देखना बंद करें… गठबंधन 10 साल से चला आ रहा है, और हाथी और कमल (एजीपी और भाजपा के चुनाव चिह्न) के बीच का संबंध जारी रहेगा।”
शाह ने भरोसा जताया कि भाजपा नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) आगामी विधानसभा चुनाव में भी पिछली दो बार की तरह जीत हासिल करेगी । उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से मेहनत करने और एजीपी उम्मीदवारों को उनकी सीटों पर जीत दिलाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में राज्य के युवा असम और देश का भविष्य तय करेंगे।
राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आए शाह ने कलियाबोर में भाजपा के गठबंधन सहयोगी एजीपी के उम्मीदवार और मंत्री केशव महंत के लिए प्रचार किया। वह शुक्रवार को तीन रैलियों को संबोधित करेंगे।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को चुनाव होगा और मतगणना चार मई को की जाएगी।
भाषा
जोहेब नरेश
नरेश

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