आईपीएल टिकट विधायकों को देने का फैसला ‘वीआईपी संस्कृति’ : भाजपा नेता सुरेश कुमार

आईपीएल टिकट विधायकों को देने का फैसला ‘वीआईपी संस्कृति’ : भाजपा नेता सुरेश कुमार

आईपीएल टिकट विधायकों को देने का फैसला ‘वीआईपी संस्कृति’ : भाजपा नेता सुरेश कुमार
Modified Date: March 28, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: March 28, 2026 3:41 pm IST

बेंगलुरु, 28 मार्च (भाषा) कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक एस सुरेश कुमार ने प्रत्येक विधायक को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दो टिकट आवंटित करने के फैसले की शनिवार को आलोचना करते हुए इसे ‘वीआईपी संस्कृति’ करार दिया और कहा कि उन्हें इन टिकट की जरूरत नहीं है।

उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि विधानसभा में हुई चर्चा के महज 24 घंटे बाद सरकार इस तरह की घोषणा करने के लिए इतनी उत्सुक थी।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने शहर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में 28 मार्च को होने वाले आईपीएल मैच के लिए प्रत्येक विधायक को दो टिकट उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है।

आईपीएल 2026 की शुरुआत यहां आरसीबी और एसआरएच के बीच पहले मैच से हो रही है।

शहर के प्रमुख क्रिकेट मैदान पर विधायकों के लिए टिकट और बैठने की व्यवस्था के मुद्दे को विधानसभा में विभिन्न दलों के विधायकों द्वारा उठाए जाने के एक दिन बाद, शिवकुमार ने स्टेडियम का प्रबंधन करने वाले कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के अधिकारियों से मुलाकात की थी।

विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने सदन में चर्चा के दौरान सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा था कि स्टेडियम में होने वाले मैच के लिए प्रत्येक विधायक को चार वीआईपी टिकट मिलें।

कुमार ने एक बयान में कहा, ‘‘(मुख्यमंत्री)सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली राज्य सरकार खुद को समाजवादी बताती है। यह वाकई आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस स्वघोषित समाजवादी मुख्यमंत्री के शासन में भी वीआईपी संस्कृति जारी है।’’

उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘अरे, मैं भूल ही गया! जब आरसीबी ने पिछले साल आईपीएल जीता था, तो हम सभी ने वह दृश्य देखा था जहां यही ‘समाजवादी’ मुख्यमंत्री अपने पोते को विधान सौध के सामने बने विजय मंच पर ले गए थे।’’

उन्होंने कहा,‘‘ इस संदर्भ में, मैं विनम्रतापूर्वक उन पास या टिकटों को लेने से इंकार करता हूँ, जिनके बारे में मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला है कि वे विधायकों को दिए जा रहे हैं। साफ शब्दों में कहूँ तो, मुझे वे टिकट नहीं चाहिए।’’

कुमार ने आगे कहा, “हमें यह याद रखना चाहिए कि जितना अधिक हम इस ‘वीआईपी संस्कृति’ को बढ़ावा देंगे, उतना ही हम, बतौर राजनेता, आम लोगों की नजरों में छोटे नजर आएंगे।”

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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