Scindia School Sambhav Abhiyan: शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने बड़ा कदम, सिंधिया स्कूल का ‘संभव अभियान’ बना जनआंदोलन, इतने लाख लोग हुए जागरूक

शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने बड़ा कदम, सिंधिया स्कूल का ‘संभव अभियान’ बना जनआंदोलन, Scindia School Sambhav Abhiyan For Plastic Free Gwalior

Scindia School Sambhav Abhiyan: शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने बड़ा कदम, सिंधिया स्कूल का ‘संभव अभियान’ बना जनआंदोलन, इतने लाख लोग हुए जागरूक

Reported By: Nasir Gouri,
Modified Date: March 28, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: March 28, 2026 4:48 pm IST

ग्वालियरः Scindia School Sambhav Abhiyan मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इन दिनों पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक खास मुहिम ‘संभव अभियान’ चर्चा में है। द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट और सिंधिया स्कूल के संयुक्त बैनर तले आयोजित यह मुहिम प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक जन आंदोलन बनता जा रहा है। इस मुहिम को मोदी सरकार का पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय कर रहा है।

Scindia School Sambhav Abhiyan ग्वालियर में पिछले 2 महीनों से जारी ‘संभव अभियान’ के तहत विभिन्न स्कूलों में “नो टू सिंगल यूज प्लास्टिक” थीम पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें द सिंधिया स्कूल, सिंधिया कन्या विद्यालय और आईटीएम ग्लोबल जैसे संस्थानों के 60 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और अपनी कला के जरिए पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। ‘संभव अभियान’ सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहरभर में जन-जागरूकता का बड़ा अभियान बन गया। ऑफलाइन माध्यम से 57,000 से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई। ऑनलाइन एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लगभग 18 लाख लोगों को जागरूक किया गया। करीब 70,000 कपड़े के थैलों का वितरण किया गया। रैलियां, सामुदायिक संवाद और कपड़े के थैलों के वितरण जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरों से अवगत कराया गया।

सस्टेनेबल लाइफस्टाइल के महत्व पर हुई सार्थक चर्चा

अभियान के दौरान टेरी की डॉ. पी.के. भट्टाचार्य और डॉ. दीपांकर सहारिया जैसे विशेषज्ञों ने छात्रों को सस्टेनेबल लाइफस्टाइल यानी मिशन LIFE के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. दीपांकर सहारिया ने कहा अब समय सिर्फ बातें करने का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी उठाने का है। प्लास्टिक मुक्त शहर बनाना केवल सरकार का काम नहीं है। यह हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। जब तक हम अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं लाएंगे, तब तक नीतियां ज़मीन पर नहीं उतरेंगी। वहीं पर्यावरण आधारित पोस्टर प्रतियोगिता ओर इस प्रोग्राम से जुड़ने वाले अहम लोगों को संस्था ने सम्मानित भी किया। कुल मिलाकर, ‘संभव अभियान’ जो सिंधिया स्कूल के जरिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में जिम्मेदार नागरिकता और व्यवहार परिवर्तन को भी प्रोत्साहित करता है। जो आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव रख रहा है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।