लक्ष्मी भंडार योजना पर भाजपा नेता की टिप्पणी से विवाद हुआ; टीएमसी ने की कड़ी निंदा
लक्ष्मी भंडार योजना पर भाजपा नेता की टिप्पणी से विवाद हुआ; टीएमसी ने की कड़ी निंदा
कोलकाता, चार जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक जनसभा के दौरान भाजपा के एक नेता की टिप्पणी पर विवाद पैदा हो गया है।
भाजपा नेता ने कथित तौर पर कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना की महिला लाभार्थियों के पतियों को उन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पक्ष में मतदान करने से रोकना चाहिये। भाजपा नेता के इस बयान की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी निंदा की।
यह टिप्पणी कथित तौर पर भाजपा की राज्य समिति के सदस्य कालीपद सेनगुप्ता ने हाल ही में दासपुर के कलाईकुंडू मैदान में आयोजित एक जनसभा में की थी।
इस कथित बयान का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, हालांकि पीटीआई इसकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी है।
सभा को संबोधित करते हुए सेनगुप्ता ने कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ प्राप्त करने वाली महिलाएं तृणमूल कांग्रेस को वोट दे सकती हैं और उन्होंने उनके पतियों से आग्रह किया कि वे उन्हें ‘घर में ही बंद रखें’, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वोट सत्तारूढ़ दल के बजाय भाजपा को मिले।
इस बयान के बारे में पूछे जाने पर, राज्य भाजपा के नेताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि मंच से ऐसा कोई बयान दिया गया था या नहीं।
इस योजना पर भाजपा का रुख स्पष्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, ‘अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो लक्ष्मी भंडार योजना जारी रहेगी। नाम में बदलाव हो सकता है। इसका निर्णय बाद में किया जाएगा। लेकिन हम टीएमसी द्वारा प्रस्तावित राशि से अधिक धनराशि देंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा लाभार्थी महिलाओं के पतियों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी।
तृणमूल कांग्रेस ने सेनगुप्ता के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी की घाटाल जिला इकाई के अध्यक्ष अजीत मैती ने भाजपा को ‘महिला विरोधी और बंगाल विरोधी’ करार दिया।
भाषा तान्या दिलीप
दिलीप

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