राज्यसभा में भाजपा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने की मांग की

राज्यसभा में भाजपा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की मांग की

राज्यसभा में भाजपा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने की मांग की
Modified Date: August 12, 2026 / 10:19 pm IST
Published Date: August 12, 2026 10:19 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को भाजपा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने की मांग की और कहा कि राज्य का नाम उसके इतिहास तथा 1947 में इसके गठन से जुड़ी परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है।

केरल का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव वाले केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि दक्षिणी राज्य के लोगों ने इस बदलाव के लिए दशकों तक संघर्ष किया है।

उन्होंने केरलम के लोगों को बधाई दी और इस कदम को सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह को श्रेय दिया।

पश्चिम बंगाल की पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार को निशाना बनाते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि केवल इसलिए राज्य का नाम बदलकर ‘बंगाल’ करने के प्रयास किए गए क्योंकि पार्टी के पास राज्य विधानसभा में बहुमत था।

उन्होंने कहा, ‘‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में 20 जून 1947 को पश्चिम बंगाल का गठन हुआ था। यहां तक ​​कि कांग्रेस ने भी कहा था कि बंगाली हिंदुओं की खातिर एक अलग राज्य की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर केवल बंगाल करना उन लोगों का अपमान होगा जिन्होंने बंगाली हिंदुओं के लिए एक अलग राज्य की खातिर लड़ाई लड़ी थी।

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल सिर्फ एक नाम नहीं है; इसका एक इतिहास है। हम चाहते हैं कि इसका नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ किया जाए।’’

उन्होंने बिहार की राजधानी का नाम पाटलिपुत्र करने और बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग का समर्थन किया।

विधेयक पर चर्चा के दौरान, उनसे पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा नेता उपेंद्र कुशवाहा ने मांग की कि पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि बिहार की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत है और पाटलिपुत्र कभी एक प्राचीन और समृद्ध साम्राज्य की राजधानी था।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले तथा पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने भी चर्चा में हस्तक्षेप किया।

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश


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