राम मंदिर में ‘लूट’ के लिए भाजपा-आरएसएस जिम्मेदार : खरगे

राम मंदिर में ‘लूट’ के लिए भाजपा-आरएसएस जिम्मेदार : खरगे

राम मंदिर में ‘लूट’ के लिए भाजपा-आरएसएस जिम्मेदार : खरगे
Modified Date: July 5, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: July 5, 2026 6:45 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

चिक्कबल्लापुर, पांच जुलाई (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर दिए गए चढ़ावे से जुड़ी 20,000 करोड़ रुपये की कथित “लूट” के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जिम्मेदार हैं।

खरगे ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिये ‘वोट चोरी’ करने और परिसीमन का इस्तेमाल करके सत्ता बनाए रखने की “कोशिश” कर रही है।

खरगे ने संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा जहां “राजनीतिक लाभ” के लिए धर्म का सहारा ले रही है, वहीं वह चुनावी हेरफेर के जरिये लोकतांत्रिक संस्थाओं को भी कमजोर कर रही है।

उन्होंने कहा, “आपने देखा है कि भगवान के नाम पर कितनी लूट हो रही है। अयोध्या में क्या हुआ? क्या गरीबों ने ऐसा किया? क्या दलितों ने ऐसा किया? क्या किसानों ने ऐसा किया? नहीं। ऐसा आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों ने किया।”

खरगे ने आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में करीब 20,000 करोड़ रुपये के चढ़ावे की लूट की गई है।

उन्होंने कहा, “राम मंदिर के नाम पर चढ़ावे में मिले सोने, चांदी और यहां तक ​​कि ईंटों को भी लूट लिया गया है। वे हर दिन भगवान का नाम जपते हैं, लेकिन भगवान के नाम पर ही लूट करते हैं।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा और असम जैसे राज्यों में मतदाता सूचियों में संशोधन करके ‘वोट चोरी’ कर रही है और सत्ता में बने रहने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर रही है।

उन्होंने कहा, “वे (भाजपा/आरएसएस) वोट चुरा रहे हैं। वे भगवान के नाम पर धन लूट रहे हैं। बाबासाहेब आंबेडकर ने इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए ही यह संविधान बनाया था। जब तक आप एकजुट नहीं होंगे और संविधान के प्रति सतर्क नहीं रहेंगे, तब तक आपको न्याय नहीं मिलेगा।”

संसद के आगामी मानसून सत्र का जिक्र करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने वाले उपाय लागू करना चाहती है, जिनमें प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया और ‘एक देश, एक चुनाव’ विधेयक शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “वे (केंद्र सरकार) परिसीमन विधेयक लाना चाहते हैं। परिसीमन के जरिये वे संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को अपनी सुविधानुसार फिर से तय करना चाहते हैं, ताकि उनकी सत्ता बरकरार रहे।”

खरगे ने दावा किया कि भाजपा ने असम में यही किया था और अब वह पूरे देश में ऐसा करना चाहती है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने एक बार इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और उन्हें इसे वापस लेने पर मजबूर किया था। पार्टी फिर से लड़ाई लड़ेगी।”

खरगे ने एक प्रस्तावित कानून का भी जिक्र किया, जिसके तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री को 30 दिन जेल में रहने के बाद अयोग्य ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रस्तावित कानून पर कोई भी रुख अपनाने से पहले इसके प्रावधानों की समीक्षा करेगी।

आंबेडकर को आधुनिक भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का निर्माता बताते हुए खरगे ने कहा कि संविधान ने दलितों, महिलाओं और अन्य वंचित समुदायों को मतदान के अधिकार, शिक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की गारंटी दी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “बाबासाहेब आंबेडकर ने 140 करोड़ भारतीयों की किस्मत लिखी। अगर वह न होते, तो दलितों को राजनीतिक अधिकार, शिक्षा या प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता। उन्हीं की वजह से हर भारतीय को वोट देने का अधिकार मिला।”

खरगे ने लोगों से संविधान की रक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने आगाह किया कि अगर संवैधानिक मूल्यों को कमजोर किया गया, तो लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता खतरे में पड़ जाएगी।

खरगे ने बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और खाद्य सुरक्षा अधिनियम जैसे कल्याणकारी उपायों के “कमजोर” होने को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शासन के बजाय सिर्फ चुनावों पर ध्यान दे रही है।

खरगे ने कहा, “हमारा मकसद यह होना चाहिए कि कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा न रहे। लोगों को काम, भोजन और सम्मान दें। लेकिन भाजपा को सिर्फ वोटों की चिंता है। संविधान की रक्षा करें, क्योंकि वही आपके अधिकारों की सुरक्षा करता है।”

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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