भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए ‘संकल्प पत्र’ तैयार करने को जनता से सुझाव मांगा

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भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए ‘संकल्प पत्र’ तैयार करने को जनता से सुझाव मांगा

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  • Publish Date - February 7, 2026 / 05:49 PM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 05:49 PM IST

कोलकाता, सात फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को ‘विकसित बंगाल संकल्प पत्र’ अभियान शुरू किया, जिसके तहत पश्चिम बंगाल में इस साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का ‘संकल्प पत्र’ (घोषणापत्र) तैयार करने के वास्ते जनता से सुझाव मांगे गए हैं।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी बंद दरवाजों के पीछे चुनाव घोषणापत्र तैयार करने की पारंपरिक प्रथा खत्म करना चाहती है।

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल की राजनीति में अक्सर पार्टी के चुनिंदा लोग अंतिम पलों में बंद दरवाजों के पीछे घोषणापत्र तैयार करते थे।’’

भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा का मकसद पश्चिम बंगाल में एक ऐसी सरकार बनाना है, जो वास्तव में राज्य का प्रतिनिधित्व करे।

‘विकसित बंगाल संकल्प पत्र’ अभियान 18 फरवरी तक चलेगा। इसके तहत, भाजपा लोगों के सुझाव हासिल करने के लिए 43 संगठनात्मक जिलों में लगभग 1,000 ‘ड्रॉप बॉक्स’ लगाएगी। पार्टी की ओर से मोबाइल वैन का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

सुझाव साझा करने में लोगों की मदद के लिए भाजपा ने एक टोल-फ्री नंबर भी शुरू किया है। इसके अलावा, पार्टी को ईमेल, व्हाट्सऐप और क्यूआर कोड के माध्यम से भी सुझाव भेजे जा सकेंगे।

भाजपा अपने ‘संकल्प पत्र’ के लिए विभिन्न क्षेत्रों की लगभग 10,000 प्रतिष्ठित हस्तियों के सुझाव हासिल करने के वास्ते उन्हें पत्र भी भेज रही है।

भट्टाचार्य ने बताया कि पश्चिम बंगाल को निवेश के अनुकूल राज्य बनाने के वास्ते असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, किसानों, पेशेवरों, बेरोजगार युवाओं, उद्योगपतियों और स्टार्टअप से भी सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले 15 वर्षों से केंद्र के साथ ‘समन्वय के बजाय संघर्ष’ का रास्ता चुना है, जिससे लोग कई केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस टकरावपूर्ण रुख के कारण गरीब आयुष्मान भारत, विश्वकर्मा योजना और ई-श्रम जैसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाए हैं।’’

भट्टाचार्य ने कहा कि अंतिम ‘संकल्प पत्र’ फरवरी के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है।

भाषा पारुल नेत्रपाल

नेत्रपाल