भाजपा ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त से उमर खालिद के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम रद्द करने का आग्रह किया

भाजपा ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त से उमर खालिद के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम रद्द करने का आग्रह किया

भाजपा ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त से उमर खालिद के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम रद्द करने का आग्रह किया
Modified Date: April 27, 2026 / 04:37 pm IST
Published Date: April 27, 2026 4:37 pm IST

बेंगलुरु, 27 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक भाजपा ने सोमवार को बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह से कार्यकर्ता उमर खालिद के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम को रद्द करने का आग्रह किया।

बेंगलुरु सेंट्रल के सांसद पी. सी. मोहन के नेतृत्व में भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त से मुलाकात की और इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।

सूत्रों के अनुसार, ‘उमर खालिद एंड हिज वर्ल्ड’ नामक पुस्तक के संपादक 28 अप्रैल को बेंगलुरु में पुस्तक के कुछ अंश पढ़ेंगे, जिसके बाद एक चर्चा होगी जिसमें कुछ ‘इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों’ के भाग लेने की संभावना है।

खालिद 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोपों के सिलसिले में जेल में है।

भाजपा ने अपने ज्ञापन में कहा, ‘बेंगलुरु शहर में ‘उमर खालिद प्रपंच’ मंच के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें वर्तमान में आतंकवाद रोधी कानूनों के तहत गिरफ्तार खालिद के प्रति समर्थन व्यक्त किया जाएगा।’

इसमें आरोप लगाया गया, ‘देश भर में केंद्र सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। हालांकि, शहरी नक्सली तत्व अभी भी सक्रिय हैं और अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का समर्थन कर रहे हैं।’

ज्ञापन में कहा गया है कि खालिद पर बहुत गंभीर आरोप हैं और पिछले तीन वर्षों से अदालतों द्वारा उसे जमानत देने से इनकार करना उसकी कथित आपराधिक गतिविधियों का संकेत है।

इसमें कहा गया, ‘ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन करना आपराधिक तत्वों को बढ़ावा देने के समान होगा। यह चौंकाने वाली बात है कि ऐसा आयोजन हमारे शहर में हो रहा है। यह भी गंभीर चिंता का विषय है कि उमर खालिद के समर्थन में नारे और दीवारों पर लिखे संदेश पूरे शहर में दिखाई देने लगे हैं, जो ऐसे नेटवर्क के प्रसार का संकेत देते हैं।’

इसमें आगे कहा गया, ‘शहर में शांति बनाए रखने के हित में हम अनुरोध करते हैं कि इस कार्यक्रम के लिए दी गई अनुमति वापस ले ली जाए। यदि कार्यक्रम होता है और कोई कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसके लिए भाजपा जिम्मेदार नहीं होगी। हम आपसे शहर के हित में हमारे अनुरोध पर विचार करने और कार्यक्रम रद्द करने का आग्रह करते हैं।’

उच्चतम न्यायालय ने 20 अप्रैल को कार्यकर्ता खालिद की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसे जमानत देने से इनकार करने वाले फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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