भाजपा की बंगाल इकाई ‘‘मैं नहीं, हम’’ के सिद्धांत पर चले: शुभेंदु अधिकारी

भाजपा की बंगाल इकाई ‘‘मैं नहीं, हम’’ के सिद्धांत पर चले: शुभेंदु अधिकारी

भाजपा की बंगाल इकाई ‘‘मैं नहीं, हम’’ के सिद्धांत पर चले: शुभेंदु अधिकारी
Modified Date: June 8, 2026 / 12:22 am IST
Published Date: June 8, 2026 12:22 am IST

कोलकाता, सात जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘राजनीतिक सोच एवं विचारधारा’’ को आगे बढ़ाने और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए सामूहिक नेतृत्व के महत्व पर जोर देते हुए रविवार को कहा कि वह चाहते हैं कि राज्य में पार्टी पदाधिकारी ‘‘मैं नहीं, हम’’ के सिद्धांत में विश्वास करें।

शुभेंदु ने कोलकाता के पास ‘न्यू टाउन’ में भाजपा के विशेष प्रशिक्षण शिविर की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वह सामूहिक नेतृत्व में विश्वास करते हैं और चाहते हैं कि राज्य में भाजपा के सभी कार्यकर्ता इस नीति को आगे बढ़ाएं जिसका अर्थ है—‘‘मैं नहीं, हम और सबको साथ लेकर चलना।’’

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकारी अधिकारियों का एक वर्ग राज्य में नयी भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करने को लेकर नकारात्मक सोच रखता है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की नीतियों को सबसे निचले स्तर तक पहुंचाने की जरूरत है और नकारात्मक सोच रखने वालों को सुधारना होगा।’’

अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रचार अभियान का नेतृत्व करते हुए तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान लोगों की स्थिति और राज्य में भाजपा सरकार बनने पर उन्हें दिखाई देने वाले बदलावों का जिक्र किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘इन अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जिम्मेदारी काफी हद तक मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कंधों पर है। मैं इसके लिए प्रयास कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा।’’

शुभेंदु ने कहा कि वाम मोर्चे के 34 साल और तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 साल के शासन के बाद भाजपा संगठन और जनप्रतिनिधियों को पार्टी की ‘‘राजनीतिक सोच और विचारधारा’’ को आगे बढ़ाने, प्रधानमंत्री द्वारा दी गईं गारंटी को पूरा करने और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मिलकर काम करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की तर्ज पर पश्चिम बंगाल सरकार भी आयुष का अलग विभाग बनाएगी, जिससे राज्य के लोगों को लाभ होगा।

शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले भाजपा के 315 कार्यकर्ताओं के परिजनों को नौकरी देगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में शोक प्रस्ताव पारित किया था और इन परिवारों की वित्तीय जिम्मेदारी लेने का फैसला किया था। हम मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये भी देंगे।’’

भाषा सिम्मी संतोष

संतोष


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