पुस्तक विवाद : विधायक की टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन से पहले प्रकाशक, समर्थकों को हिरासत में लिया गया
पुस्तक विवाद : विधायक की टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन से पहले प्रकाशक, समर्थकों को हिरासत में लिया गया
बुलढाणा, 28 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में पुलिस ने प्रकाशक प्रशांत अंबी और उनके समर्थकों को मंगलवार को हिरासत में ले लिया। यह कदम छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित पुस्तक को लेकर अंबी के खिलाफ शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ की आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा करने के लिए आयोजित किए जाने वाले विरोध-प्रदर्शन से पहले उठाया गया।
गायकवाड़ पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद विवादों में घिर गए, जिसमें उन्हें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता गोविंद पानसरे की लिखी किताब ‘शिवाजी कौन आहे’ का जिक्र करते, कोल्हापुर निवासी अंबी को धमकी देते और उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है। इस किताब को मूल रूप से 1988 में प्रकाशित किया गया था।
बाद में गायकवाड़ ने प्रकाशक के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के लिए खेद जताया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि प्रकाशन में मराठा सम्राट का नाम सम्मानपूर्वक लिया जाना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने अंबी को चिखली के एक होटल से उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि अंबी के समर्थकों और भाकपा कार्यकर्ताओं को बुलढाणा शहर के नाट्य क्रीडा मंदिर क्षेत्र से हिरासत में ले लिया गया, जहां विरोध-प्रदर्शन होना था।
सूत्रों के अनुसार, अंबी ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान ‘शिवाजी कौन आहे’ पुस्तक के सार्वजनिक पठन की योजना बनाई थी।
लोकवांगमय गृह की ओर से प्रकाशित ‘शिवाजी कौन आहे’ व्यापक रूप से पढ़ी जाने वाली लोकप्रिय मराठी पुस्तक है, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज को एक धर्मनिरपेक्ष राजा के रूप में पेश किया गया है। इसके 75 से अधिक संस्करण प्रकाशित किए चुके हैं और लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं।
भाषा पारुल रंजन
रंजन

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