छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा, दोनों सदन दिन भर के लिए स्थगित

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छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा, दोनों सदन दिन भर के लिए स्थगित

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 05:28 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक मामले और इसके विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। हंगामे की वजह से दोनों सदनों की बैठकें दो-दो बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गईं।

मानसून सत्र के दूसरे दिन भी दोनों सदनों में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके, न ही अन्य कोई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज हो पाया।

लोकसभा की बैठक पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगें उठाते हुए शोर-शराबा करने लगे।

बिरला ने आसन के पास नारेबाजी कर रहे विपक्षी दलों के सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। प्रश्नकाल के बाद उचित नियम प्रकियाओं के तहत सभी मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर दिया जाएगा।’’

शोर-शराबे के बीच उन्होंने कार्यवाही कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्य आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।

हंगामे के बीच ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाए। राय ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने स्थान पर बैठकर कार्यवाही चलने देने की अपील की।

उन्होंने हंगामा नहीं थमने पर दोपहर 12 बजकर नौ मिनट पर सदन की बैठक दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दो बार के स्थगन के बाद कार्यवाही फिर शुरू हुई तो विपक्षी सांसद सुबह की तरह ही नारेबाजी करने लगे।

पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने शोर-शराबा कर रहे सांसदों से नियम 377 के तहत सदस्यों को विषय उठाने देने की अपील की।

उन्होंने सदन में पोस्टर और बैनर दिखाने तथा विपक्षी सदस्यों के काले परिधान पहनकर विरोध जताने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंचती है।

हंगामा जारी रहने पर सैकिया ने कुछ मिनट बाद ही कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

उधर राज्यसभा में भी ऐसा ही नजारा दिखा। पूर्वाह्न 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को उनके जन्म दिन पर शुभकामनाएं दीं तथा उनके दीर्घ, स्वस्थ्य एवं खुशहाल जीवन की कामना की।

सभापति ने सदन को सूचित किया कि मनोनीत सदस्य पी टी उषा ने ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल का नेतृत्व करने के दायित्व को पूरा करने के मकसद से इस सत्र में 20 जुलाई से चार अगस्त तक अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी है। सदन ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी।

बाद में खरगे ने कुछ कहना चाहा और सभापति ने उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी।

खरगे ने कहा कि नीट पेपर लीक को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया जो उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

उनकी बात पूरी भी नहीं हो सकी कि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर विपक्षी सदस्यों ने भी हंगामा शुरू कर दिया।

सदन में हंगामे को देखते हुए सभापति राधाकृष्णन ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी और शून्यकाल नहीं हो पाया।

दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा और उन्होंने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे बैठक शुरू होने पर भी कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा जारी रहा।

सदन की संशोधित कार्य सूची के अनुसार आज गृह मंत्री अमित शाह को राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करना था। इस विधेयक में 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान है।

उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों को शांत कराने का प्रयास करते हुए कहा, ‘‘आप जानते हैं कि सदन में आज जो भी कामकाज सूचीबद्ध है, उसी पर आप बात कर सकते हैं।’’

उप-सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि वे सदन में निर्धारित कामकाज को होने दें और सदन की मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए।

सदन में हंगामा थमते न देख उप-सभापति ने महज एक मिनट के भीतर ही बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ और नीट पेपर लीक सहित विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण कल भी संसद में कोई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज नहीं हो पाया था।

भाषा अविनाश वैभव मनीषा अविनाश माधव

माधव