रांची में प्रेमी ने प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या की

रांची में प्रेमी ने प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या की

रांची में प्रेमी ने प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या की
Modified Date: July 6, 2026 / 05:36 pm IST
Published Date: July 6, 2026 5:36 pm IST

रांची, छह जुलाई (भाषा) झारखंड में एक युवक ने 18-वर्षीय प्रेमिका की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को यहां कांची नदी के किनारे दफना दिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लड़की को किसी अन्य व्यक्ति के साथ देखा था, जिससे उसे पीड़िता द्वारा धोखा दिये जाने का संदेह हुआ।

पुलिस ने बताया कि यद्यपि यह घटना 17 जून को हुई थी, लेकिन हिस्सी कुमारी का शव 23 जून को बरामद हुआ था तथा आरोपी चेतन मुंडा (18) को पिछले शनिवार को गिरफ्तार किया गया।

रांची (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक गौरव गोस्वामी ने बताया कि आरोपी के पास से हिस्सी का मोबाइल फोन बरामद किया गया।

अधिकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि 12 जून को उसने अपनी प्रेमिका हिस्सी को गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के साथ देखा था। इसके बाद 17 जून को उसने हिस्सी को नदी किनारे बुलाया, जहां उनके बीच बहस हो गई।

आरोपी ने बताया कि बहस के दौरान हिस्सी ने उसके साथ रिश्ते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इससे गुस्से में आकर आरोपी ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को नदी किनारे छह फुट गहरे गड्ढे में दफना दिया।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गिरिडीह में इसी तरह की हुई एक अन्य घटना में 19-वर्षीय युवक ने कथित तौर पर विवाहेतर संबंध के संदेह में अपनी 18-वर्षीय पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी।

उन्होंने बताया कि यह घटना 28 जून को हुई थी। हालांकि लोगों द्वारा सूचित किए जाने पर रविवार को पीरटांड़ थाना क्षेत्र के एक सुनसान स्थान से सरिता मुर्मू का शव बरामद किया गया।

डुमरी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) आबिद खान ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मुन्ना लाल किस्कू को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात स्वीकार की है।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी के मोबाइल फोन पर एक कॉल आया था, जिससे उसे संदेह हुआ कि उसका किसी के साथ अवैध संबंध है।

अधिकारी ने बताया कि इससे गुस्से में आकर उसने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को एक नाले में फेंककर पत्तों से ढक दिया।

भाषा प्रचेता सुरेश

सुरेश


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