फोन टैपिंग मामले में बीआरएस नेता के टी रामाराव तेलंगाना पुलिस की एसआईटी के समक्ष पेश

फोन टैपिंग मामले में बीआरएस नेता के टी रामाराव तेलंगाना पुलिस की एसआईटी के समक्ष पेश

फोन टैपिंग मामले में बीआरएस नेता के टी रामाराव तेलंगाना पुलिस की एसआईटी के समक्ष पेश
Modified Date: January 23, 2026 / 12:33 pm IST
Published Date: January 23, 2026 12:33 pm IST

हैदराबाद, 23 जनवरी (भाषा) भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव, पूर्ववर्ती बीआरएस शासन के दौरान हुए कथित फोन टैपिंग मामले की जांच कर रहे तेलंगाना पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष शुक्रवार को पेश हुए।

रामाराव पूछताछ में शामिल होने के लिए पूर्वाह्न करीब 11 बजे यहां जुबली हिल्स थाने पहुंचे।

बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के पुत्र रामाराव को एसआईटी के समक्ष उपस्थित होने के लिए बृहस्पतिवार को नोटिस जारी किया गया था।

एसआईटी के समक्ष पेश होने से पहले यहां बीआरएस कार्यालय में संवाददाताओं से रामाराव ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया और न ही किसी अवैध या अनैतिक गतिविधि में शामिल रहे। वह बीआरएस सरकार में नगर प्रशासन मंत्री थे।

मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि “राज्य मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार के कारण चोरों के गिरोह जैसा बन गया है।”

रामाराव ने आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर चुके रेड्डी अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पिछले कई वर्षों से निराधार आरोपों और “मीडिया में तथाकथित लीक” के जरिए उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रही है।

रामाराव ने कहा कि पूछताछ के दौरान वह पुलिस अधिकारियों से यह सवाल भी करेंगे कि “मीडिया में तथाकथित लीक” के माध्यम से उनके चरित्र हनन के लिए कौन जिम्मेदार है।

बीआरएस नेता ने कहा कि यदि उन्हें दोबारा भी बुलाया गया तो वह जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होने के लिए तैयार हैं।

रामाराव के आरोपों का खंडन करते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य अडांकी दयाकर ने दावा किया कि बीआरएस ने तेलंगाना राज्य गठन के पक्ष में लोगों की भावनाओं का लाभ उठाकर सत्ता में आने के बाद राज्य को “लूटा”।

उन्होंने कहा कि बीआरएस नेता के खिलाफ कोई राजनीतिक उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है और कांग्रेस सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।

रामाराव के चचेरे भाई और वरिष्ठ बीआरएस विधायक टी हरीश राव से 20 जनवरी को इस फोन टैपिंग मामले में एसआईटी ने पूछताछ की थी।

इससे पहले मामले के मुख्य आरोपी, पूर्व तेलंगाना खुफिया प्रमुख टी प्रभाकर राव से भी पूछताछ की जा चुकी है।

तेलंगाना विशेष खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) के निलंबित पुलिस उपाधीक्षक राव सहित चार पुलिस अधिकारियों को मार्च 2024 से हैदराबाद पुलिस ने विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से खुफिया जानकारी कथित रूप से मिटाने और पूर्ववर्ती बीआरएस शासन के दौरान कथित फोन टैपिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत दे दी गई।

हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने कहा था कि हरीश राव से की गई पूछताछ केवल फोन टैपिंग मामले से संबंधित थी, जिसमें राजनेताओं और व्यापारियों के फोन कॉल की व्यापक, अनधिकृत और अवैध निगरानी से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में विस्तृत जांच जारी है और कुछ आरोपियों के खिलाफ पहला आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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