यह बजट आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में भारत की वैश्विक छवि को और मजबूत करेगा: अमित शाह

यह बजट आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में भारत की वैश्विक छवि को और मजबूत करेगा: अमित शाह

यह बजट आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में भारत की वैश्विक छवि को और मजबूत करेगा: अमित शाह
Modified Date: February 1, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: February 1, 2026 3:18 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रविवार को पेश किया गया बजट भारत को वैश्विक मंच पर पारंपरिक से लेकर नये दौर के विभिन्न क्षेत्रों में सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने की रफ्तार को तेज करेगा।

शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘विनिर्माण से लेकर बुनियादी ढांचे तक, स्वास्थ्य से लेकर पर्यटन तक, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक, खेल से लेकर तीर्थ स्थलों तक, विकसित भारत बजट एक ऐसा बजट है जो हर गांव, हर कस्बे और हर शहर के युवाओं, महिलाओं एवं किसानों के सपनों को सशक्त बनाता है, ताकि वे उन सपनों को साकार कर सकें।’’

सरकार द्वारा राजकोषीय विवेक के साथ विकास और प्रगति को गति देने की प्रतिबद्धता पर ‘जबर्दस्त तरीके से मुहर लगाये जाने’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हुए शाह ने कहा कि बजट राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे रखने के लक्ष्य को पूरा करता है।

उन्होंने कहा कि बजट 2047 तक एक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति की परिकल्पना और अगले 25 वर्षों के लिए ‘रोडमैप’ पेश करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 के इस बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी जी ने यह साबित कर दिया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है। यह बजट न केवल हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने के लिए एक स्पष्ट खाका प्रस्तुत करता है, बल्कि इसे प्रोत्साहित करने के लिए एक ठोस दृष्टिकोण भी प्रदान करता है, जो हर कदम पर इसका समर्थन करेगा। विकसित भारत बजट एक ऐसे भारत के निर्माण का दृष्टिकोण है, जो विश्व के हर क्षेत्र में अग्रणी हो।”

गृह मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में योजना शुरू करने का एक ऐतिहासिक निर्णय बजट प्रस्ताव में लिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बुनकरों, किसानों और हथकरघा उद्योग को नया समर्थन मिलेगा।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तटीय क्षेत्रों में नारियल प्रोत्साहन योजना के माध्यम से तीन करोड़ किसानों को लाभ पहुंचाने, काजू और नारियल के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने तथा चंदन के संरक्षण का निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों की समृद्धि और कृषि को एक लाभदायक व्यवसाय बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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