‘बफर जोन’: कांग्रेस ने केरल सरकार से न्यायालय में नई सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करने का आग्रह किया

‘बफर जोन’: कांग्रेस ने केरल सरकार से न्यायालय में नई सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करने का आग्रह किया

‘बफर जोन’: कांग्रेस ने केरल सरकार से न्यायालय में नई सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करने का आग्रह किया
Modified Date: December 21, 2022 / 03:34 pm IST
Published Date: December 21, 2022 3:34 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 21 दिसंबर (भाषा) विपक्षी दल कांग्रेस ने ‘बफर जोन’ के मुद्दे पर केरल सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि वह काफी पहले सर्वेक्षण कर सकती थी। पार्टी ने क्षेत्र में एक ‘मैनुअल’ सर्वेक्षण करने के बाद उच्चतम न्यायालय में एक नई रिपोर्ट पेश करने का भी आग्रह किया।

इसने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार से कहा कि वह पुरानी रिपोर्ट के बजाय नई रिपोर्ट सौंपने के लिए शीर्ष अदालत से और समय मांगे, क्योंकि शीर्ष अदालत के हालिया निर्देश के आधार पर ‘बफर जोन’ के सीमांकन को लेकर स्थानीय लोगों में चिंताएं बढ़ रही हैं।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने जून में निर्देश दिया था कि देश भर में वनों और अभयारण्यों के आसपास एक किलोमीटर का ‘बफर जोन’ बनाए रखा जाए। केंद्र और केरल सरकार दोनों ने इसे चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में समीक्षा याचिका दायर की थी।

राज्य में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि तीन जून को पारित फैसले में उच्चतम न्यायालय ने तीन महीने में सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए ‘बफर जोन’ घोषित इलाकों में सर्वेक्षण करने और आवश्यक होने पर एक उपग्रह सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया था।

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘लेकिन, फैसले के बाद पर्याप्त समय होने के बावजूद सर्वेक्षण नहीं किया गया।’’

उन्होंने कहा कि ताजा जानकारी के देने के बजाय, राज्य सरकार अब उच्चतम न्यायालय को 2020-21 की अवधि के दौरान किए गए सर्वेक्षण का विवरण प्रदान कर रही है।

सतीशन ने कहा, ‘‘नए सर्वेक्षण में बफर जोन की सीमा के भीतर आने वाले भवनों की सटीक गणना होनी चाहिए। मकानों, चर्चों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और स्कूलों जैसे भवनों की संख्या की गणना की जानी चाहिए। यह एक सर्वेक्षण रिपोर्ट होनी चाहिए जो कम से कम 90 प्रतिशत सही हो।’’

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस रिपोर्ट के माध्यम से आश्वस्त किया जाना चाहिए कि घनी आबादी वाले और कृषि क्षेत्र ‘बफर जोन’ में आते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक ‘मैनुअल’ सर्वेक्षण किया जाना चाहिए।

भाषा

देवेंद्र संतोष

संतोष


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