कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सहायक प्रोफेसरों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के आदेश को रद्द किया

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सहायक प्रोफेसरों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के आदेश को रद्द किया

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सहायक प्रोफेसरों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के आदेश को रद्द किया
Modified Date: April 18, 2026 / 11:20 am IST
Published Date: April 18, 2026 11:20 am IST

कोलकाता, 18 अप्रैल (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा कुछ सहायक प्रोफेसरों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया है।

पश्चिम बंगाल सरकारी कॉलेज शिक्षक संघ से जुड़े याचिकाकर्ताओं ने आवेदन दायर कर 23 और 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के मतदान केंद्रों पर उन्हें पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए जाने को चुनौती दी थी।

याचिकाकर्ताओं का दावा था कि वे सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उनके वेतन स्तर पर विचार किए बिना उन्हें पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने याचिकाकर्ता प्रोफेसरों की पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्ति को निरस्त करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी यह दिखाने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके कि किन अपरिहार्य परिस्थितियों में ये नियुक्तियां की गई थीं।

अदालत ने शुक्रवार को कहा कि सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति निर्वाचन आयोग के 16 फरवरी 2010 के परिपत्र का उल्लंघन करते हुए की गई है।

याचिका में कहा गया था कि चुनाव कार्यों के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता संबंधी परिपत्र में उल्लेख है कि समूह-ए स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षण कर्मचारी भी शामिल हैं, को मतदान केंद्र परिसर में ड्यूटी पर नहीं लगाया जाना चाहिए, जब तक कि जिला निर्वाचन अधिकारी लिखित रूप में विशेष कारण दर्ज न करें और ऐसी नियुक्ति अपरिहार्य न हो।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने उच्च न्यायालय में कहा कि उनके मुवक्किल सहायक प्रोफेसर हैं, लेकिन उनके वेतन स्तर की अनदेखी कर उन्हें पीठासीन अधिकारी बना दिया गया।

निर्वाचन आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि 23 और 29 अप्रैल को चुनाव कराने के लिए लगभग 90,000 मतदान केंद्र हैं, इसलिए अधिकारियों के लिए वरिष्ठता सूची तैयार करना संभव नहीं है और कुछ स्तर पर पदों या श्रेणियों में आपसी टकराव हो सकता है।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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