विजयवाड़ा में खामेनेई की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च

विजयवाड़ा में खामेनेई की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च

विजयवाड़ा में खामेनेई की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च
Modified Date: March 2, 2026 / 04:52 pm IST
Published Date: March 2, 2026 4:52 pm IST

विजयवाड़ा, दो मार्च (भाषा) विजयवाड़ा में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने शांतिपूर्ण मोमबत्ती जुलूस निकालकर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य हमले में हुई हत्या की निंदा की।

अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर किए गए संयुक्त हमले से पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ गया और इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो गई।

इस हमले पर आंध्र प्रदेश के मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

मोहम्मद अली मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन के आंध्र प्रदेश राज्य अध्यक्ष मुश्ताक अली ने रविवार रात को कैंडल मार्च का आयोजन किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर मनमानी करने का आरोप लगाया।

मुश्ताक अली ने पत्रकारों से बातचीत में सवाल किया, “हम ईरान पर हुए हमले और अयातुल्ला खामेनेई की शहादत की कड़ी निंदा करते हैं। आप (ट्रम्प) खुद को इस दुनिया के शांतिदूत कहते हैं, लेकिन आप बच्चों और आम नागरिकों पर बम बरसा रहे हैं। घरों को तबाह करके और निर्दोष लोगों को मारकर आप क्या संदेश देना चाहते हैं?”

उन्होंने आरोप लगाया कि युद्ध के नाम पर नागरिकों को निशाना बनाना एक खतरनाक संदेश देता है और कहा कि संघर्षों से आम लोगों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि युद्ध सैन्य प्रतिष्ठानों तक ही सीमित रहने चाहिए, न कि नागरिक क्षेत्रों तक।

रैली में भाग लेने वाले मुस्लिम धर्मगुरु मिर्जा अली इमाम ने कहा कि यह सभा उत्पीड़ितों के साथ एकजुटता व्यक्त करने और ईरानी नेता की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए आयोजित की गई थी।

उन्होंने कहा, ‘पीड़ितों के समर्थक और उत्पीड़कों के विरोधी इस दुनिया से चले गए हैं। हम यहां यह दिखाने के लिए एकत्रित हुए हैं कि हम उत्पीड़कों के साथ नहीं, बल्कि पीड़ितों के साथ खड़े हैं।’

एक अन्य मुस्लिम धर्मगुरु, अल्ताफ रजा ने भी सभा को संबोधित करते हुए ऐतिहासिक हस्तियों को याद किया और इस बात पर जोर दिया कि चुनौतियों के बावजूद आस्था कायम रहेगी।

उन्होंने कहा कि कोई भी तकनीकी या सैन्य शक्ति अल्लाह की ताकत को पराजित नहीं कर सकती और समुदाय शांतिपूर्ण माध्यमों से अपनी चिंताओं को व्यक्त करता रहेगा।

रैली के दौरान प्रतिभागियों ने मोमबत्तियां और तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर शांति और न्याय की मांग के नारे लिखे थे।

भाषा तान्या नरेश

नरेश


लेखक के बारे में