तमिलनाडु में विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ का समर्थन नहीं कर सकते: कांग्रेस सांसद

तमिलनाडु में विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ का समर्थन नहीं कर सकते: कांग्रेस सांसद

तमिलनाडु में विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ का समर्थन नहीं कर सकते: कांग्रेस सांसद
Modified Date: May 26, 2026 / 02:17 pm IST
Published Date: May 26, 2026 2:17 pm IST

चेन्नई, 26 मई (भाषा) तमिलनाडु से कांग्रेस की सांसद एस जोतिमणि ने मंगलवार को राज्य में विधायकों की कथित ‘‘खरीद-फरोख्त’’ की कड़ी आलोचना की और कहा कि पार्टी तमिलनाडु और अन्य राज्यों के लिए अलग-अलग मापदंड नहीं अपना सकती।

जोतिमणि ने कहा कि कुशल शासन प्रदान करने के लिए गठबंधन सहयोगी के रूप में कांग्रेस तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ खड़ी रहेगी लेकिन ‘‘टीवीके द्वारा लिए गए सभी निर्णयों का समर्थन नहीं कर सकती।’’

करूर की सांसद की यह टिप्पणी सोमवार को ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के तीन विधायकों के इस्तीफे और सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल होने से जुड़े विवाद से संबंधित थी जिसे प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ दलों – द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और अन्नाद्रमुक ने ‘‘विधायकों की खरीद-फरोख्त’’ करार दिया है।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विजय को जनता ने सुशासन की उम्मीद में मुख्यमंत्री चुना है और वह इसे पूरा करने के लिए उत्सुक दिख रहे हैं।

जोतिमणि ने कहा कि टीवीके द्वारा उठाए गए कदमों का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना होना चाहिए, न कि उसे कमजोर करना। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में किसी भी भिन्न मत को सामने रखना कांग्रेस पार्टी की नैतिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अगर कांग्रेस का कोई सदस्य विधायकों की खरीद-फरोख्त को सही ठहराता है तो यह गलत होगा। लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए भाजपा ने सबसे पहले जिस हथियार का इस्तेमाल किया, वह यही ‘विधायकों की खरीद-फरोख्त’ थी तथा इसे उसने पार्टी की निर्वाचित सरकारों के खिलाफ इस्तेमाल किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी तमिलनाडु में विधायकों की खरीद-फरोख्त का समर्थन करने और राज्य के बाहर इसका विरोध करने का दोहरा रुख कभी नहीं अपना सकती। अगर कांग्रेस लोकतंत्र को कमजोर करने वाली ताकत के रूप में काम करती है, तो यह गांधी, नेहरू और उनकी विचारधारा के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात होगा।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी अपने सिद्धांतों से ‘‘समझौता नहीं करने’’ के लिए अडिग संघर्ष कर रहे हैं।

कांग्रेस ने 23 अप्रैल के चुनाव के बाद द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन से बाहर निकलकर पहली बार बनी टीवीके सरकार का समर्थन किया था। पार्टी अब विजय के नेतृत्व वाली कैबिनेट का हिस्सा है और उसके दो मंत्री हैं।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव


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