‘ब्रेन डेड’ घोषित करने का मामला : न्यायालय ने एम्स को समिति गठित करने को कहा

‘ब्रेन डेड’ घोषित करने का मामला : न्यायालय ने एम्स को समिति गठित करने को कहा

‘ब्रेन डेड’ घोषित करने का मामला : न्यायालय ने एम्स को समिति गठित करने को कहा
Modified Date: April 28, 2026 / 10:30 pm IST
Published Date: April 28, 2026 10:30 pm IST

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को संकेत दिया कि वह मरीज को ‘ब्रेन डेड’ घोषित करने की प्रक्रिया को लेकर एक याचिकाकर्ता के सुझावों की पड़ताल के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से एक समिति गठित करने के लिए कह सकता है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ केरल उच्च न्यायालय के जून 2017 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय का रुख करते हुए मरीज को ‘ब्रेन डेड’ घोषित करने में कथित अनियमितताओं को उजागर किया था।

याचिकाकर्ता ने मंगलवार की सुनवाई के दौरान मरीज को ‘ब्रेन डेड’ प्रमाणित करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।

याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से कहा, ‘‘किसी मरीज के ‘ब्रेन डेड’ होने के ठोस और सत्यापित प्रमाण होने चाहिए।’’

याचिकाकर्ता ने कहा कि ‘ब्रेन डेड’ वह अवस्था होती है, जब मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति नहीं होती है और इसके लिए रक्त वाहिकाओं की एंजियोग्राफी और मस्तिष्क की इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम (ईईजी) की जांच कराई जानी चाहिए।

ईईजी यह एक दर्द रहित चिकित्सा जांच है, जो मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करता है।

पीठ ने याचिकाकर्ता से अपने सुझाव लिखित रूप में देने को कहा।

पीठ ने कहा, ‘‘हम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के तंत्रिका विज्ञान विभाग के प्रमुख से एक समिति गठित करने और आपके सुझावों पर हमें रिपोर्ट या टिप्पणियां देने का अनुरोध करने का प्रस्ताव रखते हैं।’’

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी।

भाषा सुरेश दिलीप

दिलीप


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