आईआरएस अधिकारी से मारपीट के मामले में सीबीआई के संयुक्त निदेशक को तीन महीने की सजा

आईआरएस अधिकारी से मारपीट के मामले में सीबीआई के संयुक्त निदेशक को तीन महीने की सजा

आईआरएस अधिकारी से मारपीट के मामले में सीबीआई के संयुक्त निदेशक को तीन महीने की सजा
Modified Date: April 28, 2026 / 05:10 pm IST
Published Date: April 28, 2026 5:10 pm IST

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के दो अधिकारियों को दो दशक पहले एक छापेमारी के दौरान भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी के आवास में जबरन घुसने, मारपीट करने के आरोप में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट शशांक नंदन भट्ट ने दोषी ठहराए गए सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी वी के पांडे और रामनीश के खिलाफ सजा पर दलीलें सुनीं। रामनीश वर्ष 2000 में छापेमारी के समय पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। रामनीश इस समय सीबीआई में संयुक्त निदेशक हैं।

अदालत ने दोनों दोषियों पर 50,000-50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल द्वारा दायर शिकायत में दोनों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 427 (शरारत) और 448 (आपराधिक अतिक्रमण) के तहत आरोप लगाए गए थे।

यह मामला 19 अक्टूबर, 2000 की एक घटना से संबंधित है, जब सीबीआई की एक टीम ने पश्चिम विहार में अग्रवाल के आवास पर तलाशी और गिरफ्तारी अभियान चलाया था।

अग्रवाल ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने तड़के उनके घर में जबरन प्रवेश किया, उनके साथ मारपीट की और गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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