सीबीआई ने भ्रष्टाचार मामलों में बैंक अधिकारियों की जांच के लिए लंबित स्वीकृतियों का मुद्दा उठाया

सीबीआई ने भ्रष्टाचार मामलों में बैंक अधिकारियों की जांच के लिए लंबित स्वीकृतियों का मुद्दा उठाया

सीबीआई ने भ्रष्टाचार मामलों में बैंक अधिकारियों की जांच के लिए लंबित स्वीकृतियों का मुद्दा उठाया
Modified Date: June 26, 2026 / 10:55 am IST
Published Date: June 26, 2026 10:55 am IST

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार और बैंक धोखाधड़ी के मामलों में बैंक अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए आवश्यक स्वीकृति लंबित रहने का मुद्दा उठाया है। एजेंसी का कहना है कि इससे जांच और अभियोजन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

यह मुद्दा बृहस्पतिवार को सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों और वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों तथा मुख्य सतर्कता अधिकारियों की बैठक में सामने आया।

सीबीआई ने पाया है कि कई मामलों में बैंकों द्वारा अपने अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति देने से इनकार कर दिया जाता है। इसके परिणामस्वरूप मामले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे नहीं बढ़ पाते और उनकी सुनवाई विशेष अदालतों के बजाय सामान्य अदालतों में स्थानांतरित हो जाती है।

सीबीआई के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत आपराधिक जांच शुरू करने से पहले पूर्व स्वीकृति प्राप्त करना तथा धारा 19 के तहत अभियोजन शुरू करने से पहले अभियोजन स्वीकृति लेना अनिवार्य है।

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में होने वाली देरी का मुद्दा भी उठाया।

सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘दिनभर चली इस बैठक में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत पूर्व स्वीकृति, धारा 19 के तहत अभियोजन स्वीकृति, लंबित दस्तावेज, बैंक धोखाधड़ी की शिकायतें, एकमुश्त समझौते से जुड़े मुद्दे, हालिया न्यायालयों के फैसले तथा म्यूल खातों से जुड़े मामलों सहित कई विषयों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बैंक धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य विभागों के बीच सहयोग बढ़ाना और बैंक धोखाधड़ी से संबंधित जांच में तेजी लाना था।’’

बैठक के दौरान सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न बैंकों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) के साथ हरेक बैंक में लंबित मामलों की समीक्षा की। एजेंसी का दावा है कि इस दौरान अधिकांश लंबित मुद्दों का समाधान कर लिया गया।

भाषा गोला वैभव

वैभव


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