तमिलनाडु में 397 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर घोटाले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की
तमिलनाडु में 397 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर घोटाले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की
नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) सीबीआई ने तमिलनाडु में वी. सेंथिल बालाजी के 2021 से 2023 के बीच राज्य का बिजली मंत्री रहने के दौरान ट्रांसफार्मर की खरीद से संबंधित 397 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
एजेंसी ने चेन्नई स्थित टीएएनजीईडीसीओ के निविदा आमंत्रण प्राधिकरण और निविदा जांच समिति के तत्कालीन अधिकारियों, अन्य लोक सेवकों, निजी व्यक्तियों और ठेकेदारों के खिलाफ आईपीसी की आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 2021, 2022 और 2023 में टीएएनजीईडीसीओ द्वारा 25 केवीए से लेकर 500 केवीए तक की विभिन्न विशिष्टताओं वाले ट्रांसफार्मर की आपूर्ति के लिए जारी निविदाओं में भ्रष्टाचार हुआ, “जिसके परिणामस्वरूप बोली लगाने वालों को अनुचित लाभ हुआ और सरकारी खजाने को 397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ”।
सीबीआई की यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय द्वारा ट्रांसफॉर्मर की खरीद में कथित घोटाले की सीबीआई जांच का निर्देश देने वाले मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करने के लगभग एक महीने बाद हुई है।
मद्रास उच्च न्यायालय ने 29 अप्रैल को तमिलनाडु सरकार द्वारा 45,000 ट्रांसफार्मर की खरीद में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का आदेश दिया।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, बालाजी ने यह दावा किया था कि निविदा प्रक्रिया में सभी प्रक्रियाओं का विधिवत पालन किया गया था और ट्रांसफार्मर की खरीद में कोई अनियमितता नहीं की गई थी।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता ने यह भी कहा था कि खरीद प्रक्रियाएं 1987 से लागू हैं और “अब तक उन्हीं प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है”।
उच्च न्यायालय का यह आदेश उन आरोपों के बाद आया है कि राज्य के खजाने को 2021 और 2023 के बीच 397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप

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