अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ 2,220 करोड़ रुपये के बैंक ‘धोखाधड़ी’ मामले में सीबीआई ने नया मामला दर्ज किया

Ads

अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ 2,220 करोड़ रुपये के बैंक 'धोखाधड़ी' मामले में सीबीआई ने नया मामला दर्ज किया

  •  
  • Publish Date - February 26, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 07:04 PM IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उद्योगपति अनिल अंबानी एवं रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के खिलाफ 2013-17 के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा से कथित तौर पर धोखाधड़ी करने और बैंक को 2,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने के आरोप में एक नया मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि यह मामला मंगलवार को बैंक से मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने अनिल अंबानी के आवास और रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के पंजीकृत कार्यालयों पर छापेमारी की है। इस ऋण लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।’’

प्रवक्ता ने कहा, “प्राथमिकी में आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा लिये गए ऋणों के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा को 2,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आरोप है कि इन ऋणों को संबंधित पक्षों के साथ फर्जी लेनदेन करके कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।”

अधिकारियों के अनुसार, खाते को 2017 में ही गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित कर दिया गया था।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हालांकि, अनिल अंबानी की ओर से बम्बई उच्च न्यायालय में दायर याचिका के आधार पर, उच्च न्यायालय ने खातों को धोखाधड़ी वाला घोषित करने पर रोक लगा दी थी। यह रोक इस साल 23 फरवरी को हटा दी गई, जिसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने यह शिकायत दर्ज कराई और सीबीआई ने तुरंत मामले की जांच शुरू की।’’

कंपनी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी शिकायत में, अंबानी और आरकॉम पर उधार ली गई धनराशि का स्वीकृत उद्देश्यों के विपरीत व्यवस्थित दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

अंबानी और आरकॉम पर अनियमितताओं को छिपाने और वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के लिए लेखा-रजिस्टर में हेरफेर करने, ऋण राशि निर्धारित उद्देश्य से इतर इस्तेमाल करने और वास्तविक निधि प्रवाह को छुपाने के लिए धन का पुनर्चक्रण और हेरफेर करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है, ‘‘आरकॉम, रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड (आरआईटीएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल), जो सभी संबंधित पक्ष हैं, ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कुल मिलाकर 31,580 करोड़ रुपये प्राप्त किए।’’

इसमें आरोप लगाया गया है कि ‘इनमें से 6,265.85 करोड़ रुपये अन्य बैंकों के ऋणों के पुनर्भुगतान के लिए और 5,501.56 करोड़ रुपये संबंधित/जुड़े पक्षों को भुगतान के लिए उपयोग किए गए, जबकि 3,674.85 करोड़ रुपये सावधि जमा और म्यूचुअल फंड में निवेश किए गए। इन निवेशों को तुरंत समाप्त कर दिया गया और संबंधित और गैर-संबंधित पक्षों को भुगतान के लिए उपयोग किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि ऋण राशि का उपयोग स्वीकृति की शर्तों के अनुसार नहीं किया गया।’’

बैंक ने आरोप लगाया है कि आरआईटीएल द्वारा लिए गए 1,783.65 करोड़ रुपये के ऋण का उपयोग आरकॉम ने रिलायंस कम्युनिकेशंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरसीआईएल) के माध्यम से अपनी देनदारियों का भुगतान करने या संबंधित पक्षों को हस्तांतरित करने के लिए किया।

बैंक ने आरोप लगाया, ‘ऋण भुगतान दायित्वों में लगातार चूक और निधि उपयोग में अनियमितताओं के कारण 5 जून, 2017 से खाते को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिया गया था। बाद में हुई फोरेंसिक जांच से निधियों के अनधिकृत इस्तेमाल और दुरुपयोग की पुष्टि हुई, जिससे धोखाधड़ी का इरादा साबित हुआ।’’

शिकायत, अब प्राथमिकी का हिस्सा है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि आरकॉम, रिलायंस इंफ्राटेल और रिलायंस टेलीकॉम के बीच ऐसे लेन-देन हुए हैं जो कई बैंकों से लिए गए ऋण के रूप में प्राप्त धनराशि का अनधिकृत रूप से किसी अन्य उद्देश्य के लिए स्पष्ट उपयोग दर्शाते हैं।

इसमें आरोप लगाया गया है कि “संबंधित और असंबंधित पक्षों के साथ संदेहास्पद लेन-देन हुए हैं। रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड की बही खातों में कई ऐसे असाइनमेंट दर्ज हैं, जिनमें उच्च-मूल्य वाली प्राप्तियां और देयताएं असाइनमेंट से संबंधित पक्षों को ट्रांसफर की गईं।”

इसमें आरोप लगाया गया है, ‘…यह प्रस्तुत किया जाता है कि ऋण लेने वाली कंपनी (रिलायंस कम्युनिकेशंस) ने अपने प्रमोटर और चेयरमैन (अनिल अंबानी) के साथ मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत और हमारे बैंक को अनुचित नुकसान पहुंचाने और खुद को अनुचित लाभ पहुंचाने के बेईमान इरादे से, उन्हें वितरित धनराशि का निर्धारित उद्देश्य से इतर इस्तेमाल किया और बेईमानी से ऋण राशि का दुरुपयोग किया।’

सीबीआई ने 11 बैंकों के एक कंसोर्टियम के प्रमुख बैंक एसबीआई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर आरकॉम के खिलाफ पहले ही एक मामला दर्ज किया है।

प्रवक्ता ने कहा, “हालांकि, बैंक ऑफ बड़ौदा उक्त कंसोर्टियम का हिस्सा नहीं था, और यह रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, तत्कालीन विजया बैंक और तत्कालीन देना बैंक से लिया गया एक अलग ऋण है।”

इससे पहले दिन में, रिलायंस समूह के अध्यक्ष अंबानी कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए।

भाषा अमित रंजन

रंजन