सेवानिवृत्त इंजीनियर के ‘डिजिटल अरेस्ट’ की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली
सेवानिवृत्त इंजीनियर के ‘डिजिटल अरेस्ट’ की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली
नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 10 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के पीड़ित दिल्ली के रोहिणी निवासी 73 वर्षीय सेवानिवृत्त इंजीनियर के ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ के संबंध में मामला दर्ज किया और दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ से जांच अपने हाथ में ले ली। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आरोप है कि अक्टूबर 2024 में खुद को एक बहुराष्ट्रीय कूरियर कंपनी के कर्मचारी बताकर साइबर अपराधियों के एक समूह ने बुजुर्ग व्यक्ति को निशाना बनाया था।
उन्होंने दावा किया कि बुजुर्ग के आधार कार्ड का उपयोग कर चीन के लिए बुक की गई एक खेप वापस भेज आ गयी है।
इसके बाद, आरोपियों ने बुजुर्ग का संपर्क अपने सहयोगियों से करवाया, जो मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर पेश आ रहे थे। इन सहयोगियों ने पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख के नाम पर उसे धमकाया तथा कई लेन-देन के माध्यम से उससे पैसे निकलवाए।
रोहिणी के सेक्टर 10 में अपनी पत्नी के साथ रहने वाले पीड़ित ने जालसाजों को 10.3 करोड़ रुपये से अधिक की रकम कथित तौर पर अंतरित कर दी थी।
उनकी शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई जिसके बाद ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस’ (आईएफएसओ) शाखा द्वारा जांच शुरू की गई।
देश भर में ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ घोटालों के बढ़ते मामलों का उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लेने के बाद, इस मामले को इस वर्ष 10 अप्रैल को गृह मंत्रालय ने विस्तृत जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया था।
भाषा यासिर नरेश
नरेश

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