केंद्र बंगाल चुनावों के लिए बख्तरबंद गाड़ियां लाया, लेकिन पहलगाम की घटना रोकने में नाकाम रहा: ममता

केंद्र बंगाल चुनावों के लिए बख्तरबंद गाड़ियां लाया, लेकिन पहलगाम की घटना रोकने में नाकाम रहा: ममता

केंद्र बंगाल चुनावों के लिए बख्तरबंद गाड़ियां लाया, लेकिन पहलगाम की घटना रोकने में नाकाम रहा: ममता
Modified Date: April 26, 2026 / 10:12 pm IST
Published Date: April 26, 2026 10:12 pm IST

कोलकाता, 26 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जहां राज्य विधानसभा चुनावों के लिए बख्तरबंद वाहन तैनात किए हैं, वहीं एक वर्ष पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले को रोकने में वह विफल रही थी।

दक्षिण कोलकाता के रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ममता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा।

ममता ने मोदी के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं, और इन आरोपों को “झूठ का पुलिंदा” बताया।

उन्होंने कहा, “मोदी और शाह के निर्देश पर राज्य विधानसभा चुनाव के लिए बंगाल में दो लाख से अधिक केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है, साथ ही कश्मीर में सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले बख्तरबंद वाहन भी लाए गए हैं। क्या वे बताएंगे कि जब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी पहलगाम में घुसकर 26 नागरिकों की हत्या कर रहे थे, तब ये वाहन और सुरक्षा कहां थे।”

उन्होंने कैमैक स्ट्रीट क्षेत्र में आयोजित एक सभा में यह बात कही।

बलों की तैनाती में पक्षपात का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान की निगरानी के लिए “एक दल के प्रति वफादार” पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है।

उन्होंने कहा, “चार मई के बाद ये अधिकारी संभवतः इस जिम्मेदारी में नहीं रहेंगे।”

ममता ने महिला मतदाताओं से मतदान और मतगणना के दौरान सतर्क रहने की अपील की और हेरफेर की कोशिशों का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “याद रखें, केंद्रीय बल भी निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत ही काम करेंगे। इसलिए मतदान के बाद दो दिनों तक अपने रसोई के काम का त्याग करना पड़े, तब भी मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों पर कड़ी नजर रखें, ताकि मतदान मशीनों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके।”

उन्होंने क्षेत्र के पुरुषों से “भारतीय जनता पार्टी के जाल में न फंसने” की अपील करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान केंद्रों की निगरानी में महिलाओं को आगे रहना चाहिए और निर्वाचन आयोग तथा पुलिस को पूरा सहयोग देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि “बिहार और ओडिशा जैसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन शासित पड़ोसी राज्यों से कोई भी बाहरी व्यक्ति 27 अप्रैल के बाद से मतदान के दिन तक किसी भी चुनावी विधानसभा क्षेत्र की सीमा में न ठहरे।”

उन्होंने आरोप लगाया, “मेरी जानकारी के अनुसार, पुलिस और बलों की जांच के बावजूद कल ओडिशा से 300 करोड़ रुपये की राशि भवानीपुर पहुंची है।”

ममता ने दावा किया कि चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कराने की निर्वाचन आयोग की योजना को विफल कर दिया । उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 मई तक कोई एहतियाती गिरफ्तारी नहीं होगी।

मानसतला क्षेत्र में एक अन्य सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि “भारतीय जनता पार्टी के एजेंट झुग्गी-झोपड़ियों में जाकर लोगों को सांप्रदायिक ताकतों के पक्ष में वोट देने के लिए 5,000 रुपये बांटने की कोशिश कर सकते हैं।”

कुछ दलों और नेताओं का नाम लिये बगैर उनकी ओर इशारा करते हुये ममता ने कहा, “ये एजेंट आपके (अल्पसंख्यक) समुदाय से भी हो सकते हैं, लेकिन उन पर भरोसा मत कीजिए। वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ रहे हैं और करोड़ों रुपये ले रहे हैं। उन्हें एक भी वोट न दें।”

तृणमूल कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी के बीच समझौते के आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे दावे करने वालों ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रभावित लोगों का साथ नहीं दिया, जिससे उनका संकेत मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस की ओर था।

उन्होंने दावा किया, “जब 60 लाख हिंदू मतदाताओं और 30 लाख मुस्लिम मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे, तब मैंने कहा था कि हम सब मिलकर निर्वाचन आयोग चलें, लेकिन कोई नहीं आया। हम उच्चतम न्यायालय गए और 32 लाख नाम बहाल कराए।”

उन्होंने कहा, “अब मुझे दुख है कि पूरी तरह न्याय नहीं हो सका। इस बार कई लोग वोट नहीं दे पाएंगे, लेकिन हम उनके लिए लड़ाई जारी रखेंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव “भारतीय जनता पार्टी के मार्गदर्शन में” हो रहा है और भगवा दल को निरंकुश तथा अत्याचार करने वाला बताया।

उन्होंने मतदाताओं को यह भी सलाह दी कि वे मतदाता पर्चियों की छायाप्रतियां अपने पास रखें, यह आरोप लगाते हुए कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जैसी व्यवस्था लागू करने की कोशिश कर सकती है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला तेज करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने वक्फ की जमीन पर कब्जा करने की योजना बनाई थी, लेकिन उनकी पार्टी के लोगों ने ऐसा होने नहीं दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी पहले चरण के मतदान के बाद ही 100 से अधिक सीटों का आंकड़ा पार कर चुकी है और “दूसरे चरण में हम 200 का आंकड़ा पार करेंगे।”

इससे पहले दिन में बनर्जी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में लगभग दो किलोमीटर लंबा रोड शो भी किया।

भाषा रंजन रंजन नरेश

नरेश


लेखक के बारे में