केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा : यूजीसी-नेट में तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी

केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा : यूजीसी-नेट में तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी

केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा : यूजीसी-नेट में तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी
Modified Date: August 19, 2026 / 05:08 pm IST
Published Date: August 19, 2026 5:08 pm IST

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि प्रश्नपत्रों में कुछ त्रुटियों की शिकायतों के बाद यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा के समाजशास्त्र समेत तीन विषयों की परीक्षा फिर से कराई जाएगी।

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता की दलीलों पर गौर करते हुए न्यायमूर्ति जस्मीत सिंह ने एक अभ्यर्थी की याचिका का निपटारा कर दिया। इस याचिका में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर स्वतंत्र जांच और दोबारा परीक्षा कराए जाने तक परिणाम घोषित करने पर रोक लगाने का अनुरोध किया था।

सॉलिसिटर जनरल ने उच्च न्यायालय को बताया कि अंग्रेजी और वाणिज्य विषयों की परीक्षा नौ सितंबर को, जबकि समाजशास्त्र विषय की परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि चूंकि अधिकारियों ने परीक्षा दोबारा कराने का फैसला कर लिया है, इसलिए याचिका में अब कुछ भी शेष नहीं रह गया है।

न्यायमूर्ति सिंह ने विधि अधिकारी के बयान को रिकॉर्ड करते हुए कहा, ‘‘सॉलिसिटर जनरल के बयान को देखते हुए याचिका में किया गया अनुरोध अब प्रभावी नहीं रह गया है और याचिका का निपटारा किया जाता है।’’

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने ‘जूनियर रिसर्च फेलोशिप’ (जेआरएफ), सहायक प्रोफेसर पद की पात्रता और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए 22 से 30 जून तक 87 विषयों में यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा आयोजित की थी।

सॉलिसिटर जनरल ने याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही यह जानकारी दी। याचिका में प्रश्नपत्र लीक की पुष्टि होने पर स्वतंत्र जांच पूरी होने और संबंधित विषयों की दोबारा परीक्षा कराए जाने तक परिणाम घोषित करने पर रोक लगाने का अनुरोध किया था।

याचिकाकर्ता अमन सिंह यादव 30 जून को समाजशास्त्र विषय की परीक्षा में शामिल हुए थे। यादव ने प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा से कुछ घंटे पहले उसके व्यावसायिक रूप से प्रसारित किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराये जाने का अनुरोध किया था।

याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता ने प्रश्नपत्र में गंभीर त्रुटियों और प्रश्नपत्र लीक के संबंध में एनटीए को शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।

याचिका में कथित प्रश्नपत्र लीक मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराये जाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया था। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से स्थायी अधिवक्ता प्रेमतोष मिश्रा पेश हुए।

एनटीए ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा कि उसे तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियों को लेकर कई शिकायतें मिली थीं और इन मुद्दों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी।

यह मामला एनटीए के लिए एक और चुनौती बनकर सामने आया है, जिसने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की घोषणा की है।

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