छत्तीसगढ़ : राजस्व अधिकारी से मारपीट के सिलसिले में भाजपा विधायक समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ : राजस्व अधिकारी से मारपीट के सिलसिले में भाजपा विधायक समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ : राजस्व अधिकारी से मारपीट के सिलसिले में भाजपा विधायक समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
Modified Date: May 28, 2026 / 08:52 pm IST
Published Date: May 28, 2026 8:52 pm IST

अंबिकापुर, 28 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक राजस्व अधिकारी से मारपीट करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि दूसरी ओर राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार माणिक के खिलाफ भी विधायक की बहन से कथित दुर्व्यवहार के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

सीतापुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक टोप्पो ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

दोनों घटनाएं बुधवार को सीतापुर थाना क्षेत्र के राजापुर इलाके में हुईं।

इस बीच, कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के संगठन ने विधायक और अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

एक अधिकारी ने बताया कि अंबिकापुर पुलिस ने बुधवार रात विधायक रामकुमार टोप्पो, उनके समर्थकों यूसुफ, नाजिम रजा, पंकज गुप्ता तथा 10-12 अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकना), 121(1) (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने के लिए चोट पहुंचाना), 191(2) (दंगा) और 132 (लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला) के तहत ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की। बाद में मामला विस्तृत जांच के लिए सीतापुर थाने को स्थानांतरित कर दिया गया।

अपनी शिकायत में तुषार माणिक ने आरोप लगाया कि विधायक और उनके समर्थकों ने उनसे ‘शोध क्षमता प्रमाण पत्र’ (सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट) पर तत्काल हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया, जबकि वह सरकारी कार्य में व्यस्त थे।

माणिक के अनुसार, उन्होंने संबंधित व्यक्ति से कहा था कि वह 28 मई को सभी दस्तावेज कार्यालय में लाकर प्रस्तुत करे ताकि विधिवत सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जा सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि तत्काल हस्ताक्षर से इनकार करने पर विधायक ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अपने समर्थकों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की।

माणिक ने शिकायत में कहा, “सीतापुर के एसडीएम मौके पर मौजूद थे और उन्होंने मुझे वहां से बचाया, अन्यथा कोई अप्रिय घटना हो सकती थी।”

वहीं, विधायक की बहन की शिकायत पर माणिक के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (अश्लील कृत्य), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 79 (महिला की मर्यादा का अपमान) के तहत अलग मामला दर्ज किया गया है।

महिला ने आरोप लगाया कि वह बुधवार को प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए राजापुर उप तहसील कार्यालय गई थीं, जहां माणिक ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की, अश्लील इशारे किए और उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि माणिक ने उनके आदिवासी समुदाय को लेकर जातिसूचक टिप्पणी की और कर्मचारियों को उन्हें कार्यालय में प्रवेश नहीं देने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

विधायक टोप्पो ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जांच में सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।

उन्होंने कहा, “नायब तहसीलदार ने मेरी बड़ी बहन के साथ दुर्व्यवहार किया। यदि सीतापुर विधानसभा क्षेत्र की किसी महिला के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो कार्रवाई जरूर होगी। उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।”

अपने खिलाफ दर्ज मामले पर टोप्पो ने कहा कि यह “सुशासन” का उदाहरण है कि विधायक होने के बावजूद बिना किसी दबाव के तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।

टोप्पो ने यह भी आरोप लगाया कि माणिक के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल चुकी हैं।

उन्होंने दावा किया, “विधानसभा चुनाव 2023 से पहले से ही वह इस क्षेत्र में पदस्थ हैं। पिछले तीन वर्षों में उनके खिलाफ कई शिकायतें सामने आई हैं। मैंने उनके तबादले के लिए दो से अधिक बार जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। उनके खिलाफ पैसे लेने से लेकर दुर्व्यवहार तक के आरोप लगे हैं।”

विधायक ने अपने समर्थकों और आम लोगों से शांति बनाए रखने तथा प्रशासन और न्यायपालिका पर भरोसा रखने की अपील की। उल्लेखनीय है कि बड़ी संख्या में उनके समर्थक थाने के बाहर एकत्र हुए और माणिक तथा प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।

इस बीच, राजस्व निरीक्षक संघ और कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ के सदस्य भी थाने पहुंचे और टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग की।

कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ के पदाधिकारी एवं बलरामपुर तहसीलदार गुरुदत्त पंचभाए ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

उन्होंने कहा, “यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम कल से सामूहिक अवकाश पर जाएंगे और राज्य कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।”

सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत ने बुधवार को कहा था कि दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं और जांच के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

बुधवार रात पत्रकारों से बातचीत में माणिक ने दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार किया और कहा कि महिला ने प्रक्रिया पूरी किए बिना तत्काल दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया था।

उन्होंने बताया कि बाद में विधायक के निजी सहायक ने उन्हें राजापुर में विधायक से मिलने के लिए बुलाया, जिसके बाद वह एसडीएम के साथ वहां पहुंचे।

माणिक ने आरोप लगाया, “विधायक अपने 10-20 समर्थकों के साथ वहां मौजूद थे। उनके कुछ समर्थकों ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। विधायक ने मुझे बाहर खींच लिया। उन्होंने अपनी रिश्तेदार बताई जा रही महिला को बुलाया। विधायक ने भी मेरे साथ मारपीट की। एसडीएम ने हस्तक्षेप कर मुझे बचाया।”

भाषा

सं, संजीव रवि कांत


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