यमुना जल समझौते के बाद जयपुर पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भव्य स्वागत
यमुना जल समझौते के बाद जयपुर पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भव्य स्वागत
जयपुर, 30 जून (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मंगलवार को जयपुर हवाई अड्डे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।
एक दिन पहले ही राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे राज्य के जल संकटग्रस्त शेखावाटी क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को नयी दिल्ली से लौटे, जहां वर्ष 1994 के अपर यमुना नदी बोर्ड (यूवाईआरबी) समझौते के क्रियान्वयन के लिए राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
हवाई अड्डे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र से आए लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
टर्मिनल भवन से बाहर आने के बाद मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे के बाहर बनाए गए विशेष मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने उनका माल्यार्पण किया और उनके समर्थन में नारे लगाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ई-बस से भाजपा प्रदेश मुख्यालय के लिए रवाना हुए। रास्ते में गांधी सर्किल और रामबाग सर्किल पर भी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान के लिए यमुना का पानी लेकर आए हैं और इस पर केवल शेखावाटी ही नहीं, बल्कि पूरा राजस्थान गर्व महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से पूरे राज्य को लाभ होगा। यमुना नदी का पानी उपलब्ध होने से वर्तमान पेयजल स्रोतों पर दबाव कम होगा और एक क्षेत्र को मिलने वाला पानी अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को इस दिन को राजस्थान के लिए ‘ऐतिहासिक दिन’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘जब राजस्थान में हमारी सरकार बनी तो सबसे पहले राज्य के विकास की रूपरेखा तैयार की गयी। सभी की मांग थी कि यदि राजस्थान को पर्याप्त पानी मिलेगा तो राज्य तेजी से आगे बढ़ेगा। हमारे किसानों को सिंचाई के लिए, उद्योगों को उत्पादन के लिए और आम जनता को पेयजल के लिए पानी चाहिए।’
उन्होंने कहा कि ईआरसीपी, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना, बीसलपुर परियोजना, ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर तक पानी लाने की योजना तथा नर्मदा परियोजना सहित कई योजनाएं 40 से 50 वर्षों से लंबित थीं, जिन पर उनकी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का विकास पेयजल, कृषि और उद्योग के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराने पर निर्भर करता है और उनकी सरकार ने वर्षों से लंबित इस परियोजना को आगे बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पांच दिन पहले कांग्रेस के नेता कुछ और कह रहे थे। अब समझौता होने के बाद उनके सुर बदल गए हैं।’
शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने शेखावाटी क्षेत्र के साथ अन्याय किया। उनके अनुसार, चुनाव के समय केवल शिलान्यास किए गए और लोगों को यमुना का पानी मिलने के सपने दिखाए गए।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जब राजस्थान, हरियाणा और केंद्र में कांग्रेस की सरकारें थीं, तब भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने का गंभीर रूप से प्रयास नहीं किया गया और इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र तक नहीं लिखा गया।
भजनलाल शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने पांच साल के कार्यकाल में 3,900 मेगावाट बिजली उत्पादन किया था, जबकि उनकी सरकार ने सवा दो वर्ष में 12,000 मेगावाट बिजली उत्पादन की दिशा में काम किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था, लेकिन कई क्षेत्रों में इसकी शुरुआत पहले ही कर दी गई है।
उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में बिजली की कोई कमी नहीं है और पिछले तीन महीनों के दौरान जब बिजली की मांग सबसे अधिक रहती है, तब भी राज्य अन्य राज्यों को बिजली उपलब्ध करा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘वे कहते हैं कि आलू से सोना बनाएंगे। यह हम नहीं कर सकते, लेकिन हम यमुना का पानी लेकर आएंगे, जिससे हमारा किसान जरूर सोना पैदा करेगा।’
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से शेखावाटी के लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ है।
सोमवार को नयी दिल्ली में हुए एमओयू के बाद पहले चरण में सूखाग्रस्त चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिलों को पेयजल उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
वर्ष 1994 में यमुना बेसिन राज्यों के बीच हुए समझौते के तहत राजस्थान को मानसून के दौरान 1,917 क्यूसेक यमुना जल आवंटित किया गया था। हालांकि, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण राज्य दशकों तक अपने हिस्से के पानी का उपयोग नहीं कर सका।
परियोजना के तहत हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पानी चूरू में प्रस्तावित जलाशय तक लाया जाएगा। वहां से इसे लाभार्थी क्षेत्रों में पेयजल के रूप में वितरित किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना से भूजल पर निर्भरता कम होगी, पेयजल उपलब्धता में सुधार होगा और जल संकट से जूझ रहे शेखावाटी क्षेत्र के 75 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत

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