मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हनुमानगढ़ में किसानों से की मुलाकात, सिंचाई और कृषि योजनाओं पर चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हनुमानगढ़ में किसानों से की मुलाकात, सिंचाई और कृषि योजनाओं पर चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हनुमानगढ़ में किसानों से की मुलाकात, सिंचाई और कृषि योजनाओं पर चर्चा
Modified Date: March 8, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: March 8, 2026 10:02 pm IST

जयपुर, आठ मार्च (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को हनुमानगढ़ जिले में किसानों से मुलाकात की और सिंचाई, बिजली आपूर्ति तथा कृषि योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय ली।

मुख्यमंत्री ने यह संवाद अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद किया।

हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के किसानों ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की बजट घोषणा और नहर सिंचाई प्रणाली को मजबूत करने के प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति, नहर नेटवर्क को मजबूत करने और फिरोजपुर फीडर की जल वहन क्षमता बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और सरकार के प्रयासों पर किसानों से सुझाव लिया।

शर्मा ने कहा कि किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले खाद्यान्न उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण हैं और इन क्षेत्रों के किसानों ने राजस्थान को देश के खाद्यान्न उत्पादन में अहम योगदानकर्ता बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई ढांचे को मजबूत करने और पड़ोसी राज्यों के साथ जल संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए ठोस कदम उठा रही है, ताकि कृषि के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने किसानों से बदलते समय के अनुसार आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने का आग्रह किया, जिसमें कम पानी वाली लेकिन अधिक लाभ देने वाली फसलों की खेती शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं, जिनमें दुग्ध उत्पादकों को प्रति लीटर पांच रुपये की सब्सिडी और 50,000 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालिक ऋण की सुविधा शामिल है।

कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, विधायक संजीव बेनीवाल, गुरवीर बराड़ और गणेशराज बंसल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

भाषा बाकोलिया खारी

खारी


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