मुख्यमंत्री संगमा ने अमित शाह के समक्ष आईएलपी, खासी और गारो भाषा की मान्यता का मुद्दा उठाया

मुख्यमंत्री संगमा ने अमित शाह के समक्ष आईएलपी, खासी और गारो भाषा की मान्यता का मुद्दा उठाया

मुख्यमंत्री संगमा ने अमित शाह के समक्ष आईएलपी, खासी और गारो भाषा की मान्यता का मुद्दा उठाया
Modified Date: June 4, 2026 / 08:33 pm IST
Published Date: June 4, 2026 8:33 pm IST

(फोटो के साथ)

शिलांग, चार जून (भाषा) मेघालय सरकार ने खासी और गारो भाषाओं की संवैधानिक मान्यता और आईएलपी के लिए अपने प्रयासों को फिर से तेज कर दिया है और मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बृहस्पतिवार को यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष इन मुद्दों को उठाया।

यहां उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) की 73वीं पूर्ण बैठक के दौरान प्रस्तुत ज्ञापन में राज्य सरकार की चार प्रमुख चिंताओं को उठाया गया जिनमें अवैध प्रवासन, संविधान की आठवीं अनुसूची में खासी और गारो को शामिल करना, छठी अनुसूची में प्रस्तावित संशोधन और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में बदलाव शामिल हैं।

संगमा ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में अवैध प्रवासन पर चिंता व्यक्त की और केंद्र से इस मुद्दे को हल करने के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि राज्य ने मेघालय निवासी सुरक्षा अधिनियम (एमआरएसएसए) और ‘इनर लाइन परमिट’ (आईएलपी) जैसे उपायों का सुझाव दिया है, जिनके लिए राज्य विधानसभा पहले ही प्रस्ताव पारित कर चुकी है, ताकि लोगों के प्रवेश को विनियमित किया जा सके और अवैध प्रवासन पर रोक लगाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने संविधान की आठवीं अनुसूची में खासी और गारो भाषाओं को शामिल करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की मान्यता राज्य के स्वदेशी समुदायों की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने, बढ़ावा देने और मजबूत करने में मदद करेगी।

छठी अनुसूची के मुद्दे पर संगमा ने केंद्र से अनुरोध किया कि प्रस्तावित संशोधनों पर आगे बढ़ने से पहले सभी संबंधित राज्यों के साथ परामर्श किया जाये।

ज्ञापन में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधनों के संबंध में कई संगठनों द्वारा उठाई गई चिंताओं को भी उजागर किया गया, विशेष रूप से उन प्रावधानों को लेकर जो उनके कामकाज और परिसंपत्तियों के प्रबंधन को प्रभावित कर सकते हैं।

संगमा ने कहा कि राज्य सरकार ने इन चिंताओं के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं माननीय गृह मंत्री को धैर्यपूर्वक मेरी बात सुनने के लिए धन्यवाद देता हूं और इन महत्वपूर्ण मामलों पर सकारात्मक परिणाम की उम्मीद करता हूं।’’

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश


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