मुख्यमंत्री शिवकुमार ने नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन किया
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन किया
बेंगलुरु, 12 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंत्रिमंडल विस्तार के 10 दिन बाद नवनियुक्त मंत्रियों को बुधवार को उनके विभागों का आवंटन किया। इसके साथ ही उन्होंने पहले से पद संभाल रहे कुछ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया है।
दिलचस्प बात यह है कि राज्य विधानसभा के मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले विभागों का बंटवारा किया गया।
शिवकुमार ने वित्त, मंत्रिमंडलीय कार्य, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, खुफिया विभाग और अन्य ऐसे विभाग अपने पास रखे हैं जिनका अभी किसी मंत्री को आवंटन नहीं किया गया है।
पहले चरण में मंत्री बनाए गए कई प्रमुख मंत्रियों के विभागों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इनमें उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर (राजस्व एवं खेल) और प्रियंक खरगे (गृह, आईटी एवं बीटी, ई-गवर्नेंस आदि) शामिल हैं।
नए मंत्रियों को विभाग देने का फैसला शिवकुमार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई दौर की चर्चा के बाद हुआ।
मुख्यमंत्री रविवार शाम इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नयी दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की।
सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में पहले मंत्री रहे पांच नेता अपने पुराने विभाग बरकरार रखने में सफल रहे जिनमें बी. जेड. जमीर अहमद खान (आवास), शिवराज तंगडगी (पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं कन्नड़ और संस्कृति), मधु बंगारप्पा (प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा), संतोष लाड (श्रम एवं रोजगार) और एस. एस. मल्लिकार्जुन (खान एवं भूविज्ञान) शामिल हैं।
सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री रहे चेलुवरयास्वामी अब प्रमुख और मध्यम सिंचाई मंत्री हैं।
लक्ष्मण सावदी को सहकारिता मंत्री बनाया गया है। हाल तक विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे रुद्रप्पा मनप्पा लमाणी अब चीनी एवं वस्त्र मंत्री होंगे।
मंत्रिमंडल में दो ऐसे मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया गया है, जो पहले आवंटित विभागों से असंतुष्ट थे। रामलिंगा रेड्डी को वृहद सिंचाई विभाग से हटाकर वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, के एच मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से स्थानांतरित कर समाज कल्याण विभाग सौंपा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री यू टी खादर को अल्पसंख्यक कल्याण, हज और वक्फ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शिवराज तंगदागी को पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग, टी रघुमूर्ति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) कल्याण, अजय सिंह को लघु सिंचाई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, और चेलुवरायस्वामी को वृहद एवं मध्यम सिंचाई विभाग का प्रभार मिला है।
इसके अलावा, मधु बंगारप्पा को प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा, बसवराज राय रेड्डी को उच्च शिक्षा और शिवलिंगे गौड़ा को आबकारी मंत्री बनाया गया है।
पुट्टरंगा शेट्टी पशुपालन और रेशम उत्पादन मंत्री बने हैं, जबकि विजयानंद काशप्पनवर को लघु उद्योग और सार्वजनिक उद्यम विभाग सौंपा गया है। संतोष लाड को श्रम एवं रोजगार, के एस बसवंतप्पा को धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग, मत्स्य पालन, पोत परिवहन और अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग मिला है।
एस एस मल्लिकार्जुन को खान एवं भूविज्ञान तथा बागवानी, रिजवान अरशद को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले, नरेंद्र स्वामी को कृषि, एच सी बालकृष्ण को नगर प्रशासन और बी नागेंद्र को योजना एवं सांख्यिकी विभाग आवंटित किया गया है।
शिवकुमार के नेतृत्व वाले इस मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री शामिल नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के दो महीने बाद शिवकुमार ने तीन अगस्त को 19 नए मंत्रियों को शामिल करके अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था जिससे मंत्रियों की कुल संख्या 33 हो गई है, जबकि एक पद अब भी खाली है।
विभागों का यह आवंटन राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले हुआ है।
भाषा संतोष शफीक
शफीक

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