चीनी गांव: एएपीएसयू ने बीजिंग के ‘विस्तारवाद’ के खिलाफ कदम उठाए जाने की मांग की

चीनी गांव: एएपीएसयू ने बीजिंग के ‘विस्तारवाद’ के खिलाफ कदम उठाए जाने की मांग की

चीनी गांव: एएपीएसयू ने बीजिंग के ‘विस्तारवाद’ के खिलाफ कदम उठाए जाने की मांग की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:15 pm IST
Published Date: January 21, 2021 9:43 am IST

ईटानगर, 21 जनवरी (भाषा) अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ (एएपीएसयू) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने चीन द्वारा पूर्वोत्तर राज्य में एक गांव स्थापित किए जाने संबंधी खबर को गंभीरता से लिया है और केंद्र सरकार को चीन के ‘‘विस्तारवादी’’ कदम के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

एएपीएसयू ने चीन के ‘‘उकसाने वाले’’ कदमों की निंदा की और आरोप लगाया कि केंद्र ‘‘चीन की हरकतों के खिलाफ केवल बातें कर रहा है और उसका सुस्त एवं टाल-मटोल करने वाला नजरिया’’ पड़ोसी देश को उसकी ‘‘विस्तारवादी योजना’’ को आगे बढ़ाने की हिम्मत दे रहा है।

संगठन के प्रमुख हावा बागांग ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारे राज्य पर चीन के दावे ने खासकर नत्थी वीजा के मामले और सियांग नदी मामले समेत असंख्य समस्याएं पैदा की हैं, जिनपर अब भी कोई फैसला नहीं हुआ है, जबकि एएपीएसयू ने कई बार उच्च स्तर पर यह मामला उठाया है।’’

बागांग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और यहां के लोग देशभक्त भारतीय हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि देश की रक्षा के लिए राज्य के युवाओं की आवश्यकता पड़ती है तो हम इसके लिए हथियार उठाने को भी तैयार हैं।’’

एएपीएसयू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि वह सीमावर्ती राज्य में न केवल सैन्य तैनाती के मामलों को गंभीरता से लें, बल्कि चीन की तरह ही बुनियादी ढांचे के विकास एवं सड़क संपर्क क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दें।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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