सीआईसी ने निजी विद्यालयों को भूमि आवंटन पर आरटीआई से इनकार करने के मामले में डीडीए से सवाल किया

सीआईसी ने निजी विद्यालयों को भूमि आवंटन पर आरटीआई से इनकार करने के मामले में डीडीए से सवाल किया

सीआईसी ने निजी विद्यालयों को भूमि आवंटन पर आरटीआई से इनकार करने के मामले में डीडीए से सवाल किया
Modified Date: April 28, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: April 28, 2026 9:04 pm IST

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) निजी विद्यालयों को सार्वजनिक भूमि के आवंटन में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताते हुए केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली विकास प्राधिकरण से सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत सूचना देने से इनकार करने पर सवाल उठाया है।

सीआईसी ने कहा कि यह मामला छात्रों के हितों से जुड़ा है।

यह मामला अशोक विहार के फेज-3 में स्थित एक विद्यालय से संबंधित है, जहां एक आरटीआई आवेदक ने यह जानकारी मांगी थी कि क्या भूमि बाजार दर पर या रियायती दरों पर आवंटित की गई थी और ऐसे आवंटन की शर्तें क्या थीं।

आवेदक ने दावा किया कि विद्यालय के “स्वयं के स्वामित्व वाला” होने के दावे का इस्तेमाल लगभग 6,000 छात्रों को प्रभावित करने वाली फीस वृद्धि को उचित ठहराने के लिए किया जा रहा था।

अपने जवाब में, डीडीए ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(जे) का हवाला देते हुए अनुरोध की गयी जानकारी देने से इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया है कि मांगी गई जानकारी “व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित है जिसका खुलासा किसी सार्वजनिक गतिविधि या हित से संबंधित नहीं है, या जिससे व्यक्ति की निजता का अनुचित उल्लंघन होगा।”

प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने इस प्रतिक्रिया को सही ठहराते हुए उत्तर को संतोषजनक बताया।

सूचना आयुक्त संजीव कुमार जिंदल ने हालांकि आदेश में कहा कि आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(जे) के तहत सूचना से इनकार करना पर्याप्त औचित्य के बिना प्रावधान का “यांत्रिक पुनरुत्पादन” प्रतीत होता है और उन्होंने कहा कि यह मामला छात्रों के हित से जुड़ा है।

इसमें यह नोट किया गया कि “आरटीआई आवेदन में मांगी गई भूमि की स्थिति के बारे में जानकारी प्रतिवादियों द्वारा दी जा सकती है” और प्रतिवादी सीपीआईओ को 21 दिनों के भीतर तथ्यात्मक स्थिति को स्पष्ट रूप से बताते हुए एक संशोधित उत्तर जारी करने का निर्देश दिया गया।

आयोग ने सुनवाई के दौरान प्रतिवादी की अनुपस्थिति पर भी चिंता जताई और इसे अर्ध-न्यायिक कार्यवाही की अवहेलना बताया तथा संभावित दंडात्मक कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया।

एक अलग मामले में, एक अन्य आरटीआई आवेदन में कैलाश कॉलोनी में एक निजी विद्यालय को भूमि आवंटन के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

आवेदक ने भूमि आवंटन की तिथि, क्या वह रियायती दर पर दी गई थी, आवंटित कुल क्षेत्रफल, कीमत, आवंटन से जुड़ी शर्तें और पट्टा समझौते एवं आवंटन पत्र जैसे संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछा। रियायती आवंटन से संबंधित शर्तों के अनुपालन को लेकर चिंताएं व्यक्त की गईं।

भाषा प्रशांत रंजन

रंजन


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