सीजेआई सूर्यकांत एसआईआर पर विपक्षी दलों के ज्ञापन को स्वीकार न करें: एआईबीए प्रमुख अग्रवाल

सीजेआई सूर्यकांत एसआईआर पर विपक्षी दलों के ज्ञापन को स्वीकार न करें: एआईबीए प्रमुख अग्रवाल

सीजेआई सूर्यकांत एसआईआर पर विपक्षी दलों के ज्ञापन को स्वीकार न करें: एआईबीए प्रमुख अग्रवाल
Modified Date: July 1, 2026 / 07:52 pm IST
Published Date: July 1, 2026 7:52 pm IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) ऑल इंडिया बार एसोसिएशन (एआईबीए) के अध्यक्ष आदिश सी. अग्रवाल ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में 23 विपक्षी दलों और राज्यसभा के एक निर्दलीय सांसद की ओर से प्रस्तुत संयुक्त ज्ञापन पर विचार न करें।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि विपक्षी दल ‘श्योर’ यानी ‘सॉलिडैरिटी, यूनिटी एंड रेजीलिएंस’ (एकजुटता, एकता और दृढ़ता) के सिद्धांतों पर मजबूती से कायम हैं।

तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, द्रमुक और अन्य पार्टियों के साथ-साथ निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल समेत 23 राजनीतिक दलों ने मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत को एक ज्ञापन भेजा, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों का जिक्र किया गया था।

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े राजनीतिक विवाद में सीजेआई के दफ्तर को घसीटने की कोशिशें “संवैधानिक और संस्थागत तौर पर गलत” हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ किसी भी शिकायत के लिए संवैधानिक उपाय यही है कि उचित कानूनी प्रक्रिया के ज़रिये सक्षम अदालत का दरवाज़ा खटखटाया जाए।

उन्होंने अनुरोध किया कि संयुक्त ज्ञापन को किसी भी प्रशासनिक या न्यायिक कार्रवाई का आधार न माना जाए, क्योंकि ऐसा करने से राजनीतिक लोगों को स्थापित कानूनी उपायों को दरकिनार करने के लिए बढ़ावा मिल सकता है, जो एक “दुर्भाग्यपूर्ण मिसाल” कायम कर सकता है।

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सीजेआई के पद की गरिमा, निष्पक्षता और पवित्रता बनाए रखने के लिए उन्हें राजनीतिक विवादों में घसीटने की कोशिशों को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश


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