मणिपुर में मशाल रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
मणिपुर में मशाल रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
इंफाल, 21 अप्रैल (भाषा) मणिपुर में हाल ही में हुए बम विस्फोट में दो बच्चों की मौत होने की घटना के विरोध में इंफाल में प्रदर्शन कर रहे लोगों की मशाल रैली के दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़प हुई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि सात अप्रैल को विष्णुपुर के ट्रोंगलाओबी में हुए बम विस्फोट में दो बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के विरोध में इंफाल घाटी के जिलों में रोजाना प्रदर्शन हो रहे हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात करीब सात किलोमीटर लंबी मशाल रैली इंफाल वेस्ट जिले में मायाई लांबी से केइशमथोंग तक निकाली गई। इसी दौरान हिंसा हुई और प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई।
उन्होंने बताया कि कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें 200 मीटर और, लोक भवन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य कार्यालय के पास स्थित केइसमपत क्षेत्र की तरफ जाने की अनुमति दी जाए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने केइशमथोंग क्षेत्र में आंसू गैस के कई गोले दागे।
घाटी के सभी पांच जिलों में शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक किसी भी व्यक्ति के अपने-अपने घरों से बाहर निकलने पर रोक का आदेश लागू है।
अधिकारी ने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर और गुलेल से लोहे के छर्रे फेंके।’
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने ग्रेटर इंफाल क्षेत्र में कर्फ्यू का उल्लंघन करने, सड़क अवरुद्ध करने तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित कई अपराधों के लिए 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के एक बयान के अनुसार, इन्हें रविवार को इंफाल पश्चिम जिले के विभिन्न हिस्सों से पकड़ा गया।
उखरुल जिला मुख्यालय में सोमवार रात को मोमबत्ती लेकर जुलूस निकाला गया जिसमें 18 अप्रैल को जिले के टीएम कसोम इलाके में घात लगा कर किए गए हमले में मारे गए दो तंगखुल नगा नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
घाटी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों के विभिन्न संगठनों ने इस क्रूर घटना की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि पीड़ितों को कुकी उग्रवादियों ने स्नाइपर राइफलों से गोली मारी थी।
भाषा तान्या मनीषा
मनीषा

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