कॉजपा युवाओं की हताशा प्रकट करने का माध्यम, मुद्दे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी स्थापित दलों की : रमेश

कॉजपा युवाओं की हताशा प्रकट करने का माध्यम, मुद्दे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी स्थापित दलों की : रमेश

कॉजपा युवाओं की हताशा प्रकट करने का माध्यम, मुद्दे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी स्थापित दलों की : रमेश
Modified Date: June 24, 2026 / 12:52 pm IST
Published Date: June 24, 2026 12:52 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन को लेकर बुधवार को कहा कि यह युवाओं की हताशा को प्रकट करने का एक माध्यम हो सकता है, लेकिन आखिरकार इसके उठाए मुद्दों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी स्थापित राजनीतिक दलों की है।

रमेश ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में यह भी कहा कि लोकतंत्र केवल आंदोलनों के भरोसे नहीं चल सकता और अंततः उसकी नींव राजनीतिक दलों पर ही टिकी होती है।

कॉजपा के आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर रमेश ने कहा, ‘‘कुछ लोग कहते हैं कि यह ‘डीप स्टेट’ द्वारा प्रायोजित है, कुछ लोग इसे युवाओं की हताशा का प्रतिबिंब बताते हैं। इनमें से किसी भी बात को साबित करने का कोई तरीका नहीं है, लेकिन तथ्य यह है कि इसने सोशल मीडिया में काफी जगह बनाई और खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन यह कोई राजनीतिक दल नहीं है।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘आखिरकार राजनीतिक दल ही मायने रखते हैं। पार्टी की संगठनात्मक संरचना ही महत्वपूर्ण होती है। हालांकि यह युवाओं की हताशा को प्रकट करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन मेरा मानना है कि स्थापित राजनीतिक दलों को इस मुद्दे को आगे बढ़ाना होगा।’’

रमेश ने कहा कि आंदोलनों का अपना महत्व है, लेकिन लोकतंत्र केवल आंदोलनों पर निर्भर नहीं रह सकता, क्योंकि अंततः लोकतंत्र की बुनियाद राजनीतिक दल ही होते हैं।

कॉजपा पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी का प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

भाषा हक वैभव

वैभव


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