कॉजपा ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिये जाने का मुद्दा उठाया, आश्वासन के सम्मान की मांग की

कॉजपा ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिये जाने का मुद्दा उठाया, आश्वासन के सम्मान की मांग की

कॉजपा ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिये जाने का मुद्दा उठाया, आश्वासन के सम्मान की मांग की
Modified Date: July 27, 2026 / 03:40 pm IST
Published Date: July 27, 2026 3:40 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने सोमवार को इस खबर पर चिंता जताई कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में विद्यार्थियों एवं अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है या गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि केंद्र ने भरोसा दिलाया था कि हाल के देशव्यापी आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

कॉजपा प्रवक्ता सौरव दास ने ‘एक्स’ पर यह बयान तब साझा किया, जब संगठन ने अपना 36 दिन का विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया। यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उसकी मुख्य मांग मान लेने और केंद्रीय मंत्रियों– जे पी नड्डा एवं जितेंद्र सिंह द्वारा यह आश्वासन देने के बाद लिया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर 20 जून को शुरू हुआ आंदोलन सोनम वांगचुक की 26 दिन की भूख हड़ताल में बदल गया और सरकार के आश्वासन के बाद इसे वापस ले लिया गया।

कॉजपा ने सोमवार को एक बयान में कहा कि उसे खासकर असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में विद्यार्थियों और अन्य प्रदर्शनकारियों को ‘अलग-अलग सरकारी एजेंसियों द्वारा निशाना बनाए जाने, हिरासत में लिए जाने या गिरफ्तार किए जाने’ की ‘कई खबर’ मिली हैं।

बयान में कहा गया है, ‘कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन तभी वापस लिया था, जब भारत सरकार ने हमें आश्वासन दिया था कि भाजपा या राजग शासित किसी भी राज्य में न तो अभी और न ही भविष्य में, किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसलिए, इन राज्यों से आ रही खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं।’’

पार्टी ने कहा कि उनकी कानूनी शाखा हिरासत में लिये गये लोगों को रिहा कराने एवं उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित राज्यों में वकीलों के साथ समन्वय कर रही है।

उसने केंद्र सरकार, खासकर नड्डा और सिंह से यह भी कहा कि वे बातचीत के दौरान किये गये वादे को पूरा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि हिरासत में लिए गए लोग रिहा किये जाएं और देश में कहीं भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई ‘जबरदस्ती या बदले की कार्रवाई’ न की जाएं

बयान में कहा गया, ‘‘दर्ज की गई प्राथमिकी भी वापस ली जानी चाहिए।’’

कॉजपा ने कहा कि केंद्र ने इस मुद्दे पर मंगलवार तक लिखित गारंटी देने का वादा किया था और उन्हें उस वादे को पूरा करने की याद दिलाई।

उसने चेतावनी दी कि इस आश्वासन का कोई भी उल्लंघन ‘युवाओं को पूरी तरह से अस्वीकार्य’ होगा।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश


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