कॉजपा प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिये गए छात्रों से संपर्क नहीं कर पा रहे: परिजन
कॉजपा प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिये गए छात्रों से संपर्क नहीं कर पा रहे: परिजन
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिये गए छात्रों के परिवारों ने कहा कि वे घंटों से उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है या नहीं।
तिलक नगर निवासी कार्तिकेन ने बताया कि उनके 20 वर्षीय भाई हर्षित को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया और माना जा रहा है कि उसे उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के किसी थाने में रखा गया है। कार्तिकेन ने बताया कि उनका भाई इस साल दो बार नीट परीक्षा दे चुका है।
कार्तिकेन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारी उससे सोमवार अपराह्न करीब 1.30 बजे आखिरी बार बात हुई थी और उसके बाद से हम उससे संपर्क नहीं कर पाए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम शालीमार बाग इलाके के एक थाने जा रहे हैं। वहां पहुंचने के बाद ही हमें स्थिति का पता चलेगा।’’
एक अन्य मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई कर चुके और वर्तमान में एलएलएम कर रहे 26 वर्षीय अमित उपाध्याय के परिवार ने बताया कि उसे भी हिरासत में लिया गया है और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के एक अन्य थाने में रखा गया है।
परिवार ने कहा कि वे अमित से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया है कि उसे कब रिहा किया जाएगा या उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है या नहीं।
अमित के छोटे भाई सौरभ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरे बड़े भाई को जहांगीरपुरी इलाके में हिरासत में रखा गया है। हम अधिक जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उसे जल्द से जल्द रिहा कराया जा सके।’’
परिजनों ने कहा कि पेपर लीक, परिणामों में देरी और देश की शिक्षा व्यवस्था में कुप्रबंधन जैसी समस्याओं के बीच अब परिवारों को कानूनी कार्रवाई की चिंता भी करनी पड़ रही है।
कार्तिकेन ने कहा, ‘‘मेरे भाई को एक साल में दो बार नीट परीक्षा देनी पड़ी। शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग करने पर पुलिस हिरासत में लिया जाना कैसे उचित है?’’
हिरासत की कार्रवाई उस समय हुई जब शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों की मध्य दिल्ली में पुलिस के साथ झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग के निकट प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को कॉजपा और किसान संगठनों द्वारा आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं के संबंध में चार प्राथमिकी दर्ज की हैं और दो अन्य प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी हैं।
पुलिस के अनुसार, नयी दिल्ली क्षेत्र में कॉजपा के प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद कई वरिष्ठ अधिकारियों समेत 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
छात्र संगठनों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र थे।
प्रदर्शनकारियों से जुड़े वकीलों के अनुसार, हिरासत में लिये गए 38 लोगों को पहले बुराड़ी थाने ले जाया गया और बाद में शाम को छत्रसाल स्टेडियम स्थानांतरित कर दिया गया।
वकीलों ने आरोप लगाया कि उन्हें स्टेडियम में हिरासत में लिये गए लोगों से मिलने या पुलिस अधिकारियों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं, औपचारिक गिरफ्तारी हुई है या आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे हिरासत में लिए गए लोगों तक पहुंच बनाने और उनके परिवारों से संपर्क कराने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।
कॉजपा द्वारा आहूत इस प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए थे, जिनमें छात्र संगठन आइसा, केवाईएस और एसएफआई के सदस्य तथा अन्य लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक और नई लागू की गई डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के कारण कक्षा 12 के परिणामों में बड़े पैमाने पर विसंगतियों को लेकर शिक्षा सुधारों की मांग कर रहे थे।
पुलिस ने पहले कहा था कि संसद की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया था, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया।
भाषा अमित नरेश
नरेश

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