वैश्विक चुनौतियों के बीच विकसित भारत के लिए 1.4 अरब देशवासियों का सामूहिक प्रयास जरूरी : मोदी

वैश्विक चुनौतियों के बीच विकसित भारत के लिए 1.4 अरब देशवासियों का सामूहिक प्रयास जरूरी : मोदी

वैश्विक चुनौतियों के बीच विकसित भारत के लिए 1.4 अरब देशवासियों का सामूहिक प्रयास जरूरी : मोदी
Modified Date: March 28, 2026 / 07:13 pm IST
Published Date: March 28, 2026 7:13 pm IST

नोएडा, 28 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नागरिकों से वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए समर्पण और एकता का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए सामूहिक प्रयास बहुत जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के उद्घाटन समारोह में एक सभा को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का जिक्र किया और कहा, “विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 1.4 अरब देशवासियों का सामूहिक प्रयास और एकता बहुत जरूरी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी एशिया में एक महीने से युद्ध जारी है और देशवासियों के भरोसे के साथ भारत इस संकट का पूरी शक्ति से मुकाबला कर रहा है।

मोदी ने कहा कि भारत के हितों की रक्षा और ‘परिवारों व किसानों’ की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता समय की बचत और लागत में कमी करके नागरिकों की सुविधा को बढ़ाना है।

मोदी ने वैश्विक संकट की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा, “मैं प्रदेश व देश के सभी राजनीतिक दलों से आग्रह पूर्वक कहना चाहता हूं कि इस प्रकार के संकट से ऐसी बातें करने से बचें, जो देश के लिए नुकसानदायक है।”

उन्‍होंने कहा, “जो भारतीयों और भारत के हक में है, वही भारत सरकार की नीति व रणनीति हैं। राजनीति के लिए गलत बयानबाजी करने वाले राजनीतिक बहस में कुछ नंबर पाएंगे लेकिन देश को नुकसान पहुंचाने वाली हरकतों को देश की जनता कभी माफ नहीं करती।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने संसद में स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ व्यापक व ‘बेहद सकारात्मक’ विचार-विमर्श भी किया।

मोदी ने कहा, “आज जनता से फिर से कहूंगा कि हमें शांत मन से, धैर्य के साथ, एकजुटता के साथ मिलजुलकर इस संकट का सामना करना है। यह पूरे विश्व में परेशानी करने वाला संकट है और हमें अपने देश की सबसे ज्यादा चिंता करनी है। यही हम भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत है।”

प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों को आगाह करने के साथ-साथ कहा कि कोरोना के संकट में कुछ लोगों ने वैक्सीन को लेकर झूठ बोला, अफवाहें फैलाई ताकि सरकार का काम कठिन हो, देश को नुकसान हो लेकिन परिणाम क्‍या हुआ।

मोदी ने कहा, “जनता ने चुनाव के दौरान ऐसी राजनीति को नकार दिया। मुझे पूरा भरोसा है कि देश के सभी राजनीतिक दल इससे सबक सीखेंगे और देश को ताकत देंगे। इसी आग्रह के साथ एक बार फिर से शानदार हवाई अड्डे के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के इस समय में भी भारत ने अपने तेज विकास को निरंतर जारी रखा है।

मोदी ने कहा, “ भारत पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों का पूरी ताकत से सामना कर रहा है।”

उन्होंने संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से प्राप्त कच्चे तेल और गैस पर भारत की निर्भरता को रेखांकित करते हुए कहा, “सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है कि इसका बोझ परिवारों और किसानों पर न पड़े।”

मोदी ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण का उद्घाटन करते हुए कहा, “आज से एक विकसित उत्तर प्रदेश और एक विकसित भारत की यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।”

उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेगा।”

मोदी ने राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने नोएडा को “लूट का एटीएम” बना दिया था, लेकिन भाजपा के नेतृत्व में यह अब विकास के एक शक्तिशाली इंजन के रूप में उभर रहा है।

उन्‍होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, “नोएडा हवाई अड्डे को अटल जी (पूर्व प्रधानमंत्री) की सरकार ने 2003 में मंजूरी दे दी थी लेकिन यह नहीं बना। केंद्र में कांग्रेस और यहां की पहले की सरकारों ने वर्षों तक इस हवाई अड्डे की नींव तक नहीं पड़ने दी।”

मोदी ने कहा, “2004 से 2014 तक हवाई अड्डे की फाइलें दबी रही। हमारी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी। दो तीन साल सपा ने काम नहीं होने दिया लेकिन जैसे ही दिल्‍ली और उत्तर प्रदेश में भाजपा-राजग की सरकार बनी तो हवाई अड्डे की नींव पड़ी और अब निर्माण भी हो गया है।”

प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर मुख्यमंत्रियों के नोएडा जाने को लेकर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस नोएडा को पहले अंधविश्वास पर छोड़ दिया गया था और सत्तारूढ़ दल के नेता यहां आने से डरते थे।

उन्‍होंने उदाहरण देकर कहा, “यहां सपा (समाजवादी पार्टी) की सरकार थी, मेरा नोएडा आने का कार्यक्रम बना तो मुख्यमंत्री (अखिलेश यादव) इतने डरे थे कि नोएडा नहीं आये और मुझे भी डरा रहे थे कि अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हो, आप मत आओ।”

मोदी ने विपक्षी दलों पर तंज कसने के साथ ही कहा कि अब यह इलाका (नोएडा) पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है।

उन्होंने सरकार की विमानन नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमने आम परिवारों की पहुंच में हवाई यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उड़ान योजना शुरू की थी। पिछले कुछ वर्षों में, इस योजना के तहत 1.6 करोड़ से अधिक लोगों ने किफायती किराए पर यात्रा की है।”

उन्‍होंने कहा, “उड़ान योजना का हाल ही में लगभग 29,000 करोड़ रुपये के स्वीकृत परिव्यय के साथ विस्तार किया गया है, जिसमें छोटे शहरों में नए हवाई अड्डों का विकास करने और आने वाले वर्षों में सौ नये हवाई अड्डे और लगभग 200 हेलीपैड बनाने की योजना शामिल है।”

मोदी ने हवाई अड्डे के महत्व को समझाते हुए कहा, “आज हम विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत अभियान का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। देश का सबसे बड़ा प्रदेश आज देश के सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाले राज्यों में एक बन गया है।”

उन्होंने कहा, “यह हवाई अड्डा नोएडा, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, समेत कई जिलों को लाभ देने वाला है। प्रदेश के किसानों, लघु उद्योगों और नौजवानों के लिए अनेक अवसर लेकर आने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, यह विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को इस भव्य हवाई अड्डे के लिए बहुत बहुत बधाई देता हूं।”

मोदी ने पिछले कुछ हफ्तों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार उद्घाटन और शिलान्यास वाली चार बड़ी परियोजनाओं को गिनाते हुए कहा कि कम समय में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन हो गया।

उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार के प्रयासों का शानदार उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की अर्थव्यवस्था में खेती किसानी का बहुत महत्व है और किसान भाई बहनों को आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने अपनी जमीने दीं।

मोदी ने किसानों के प्रति बार-बार आभार जताते हुए कहा, “आपके गन्ने से जो एथनॉल बनाया गया है, उससे कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई है। अगर पेट्रोल में उसकी मांग नहीं बढ़ती तो देश को प्रति वर्ष साढ़े चार करोड़ बैरल यानी लगभग 700 करोड़ लीटर कच्चा तेल विदेशों से मंगवाना पड़ता। किसानों ने इस देश को इतने बड़े संकट में राहत दी है। किसानों को भी लाभ हुआ है और डेढ़ लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बची है।”

उन्होंने कहा कि अगर किसान एथेनॉल नहीं बनाते तो यह पैसा विदेश जाना तय था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में यह पैसा गन्ना किसानों को मिला है।

मोदी ने कहा, “ यहां के गन्ना किसानों ने तो पहले के वह दिन देखे हैं, जब कई-कई साल तक गन्ने का बकाया लटका रहता था लेकिन आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से गन्ना किसानों की स्थिति बेहतर हुई है।”

उन्‍होंने कहा, “किसी भी देश में हवाई अड्डा सिर्फ एक सामान्‍य सुविधा नहीं होती, ये हवाई अड्डे प्रगति को भी उड़ान देते हैं। साल 2014 से पहले देश में 74 हवाई अड्डे थे लेकिन आज 160 से अधिक हवाई अड्डे हैं। अब महानगरों के अलावा देश के छोटे छोटे शहरों में हवाई संपर्क है।”

मोदी ने कहा, “विकसित भारत के आधारभूत ढांचे पर हमारी सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है और बीते 11 साल में इसका बजट छह गुना से अधिक बढ़ाया गया है। इन वर्षों में 17 लाख करोड़ रुपये राजमार्ग और एक्‍स्‍प्रेसवे पर खर्च किये गये। एक लाख किलोमीटर से अधिक के राजमार्ग का निर्माण किया गया। 2014 तक रेलवे में 20 हजार किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण किया गया और 2014 के बाद 40 हजार किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण किया गया है।”

नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के निर्बाध जुड़ाव के साथ बहु-मोडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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