Kanker Naxal Surrender : लाल आतंक का द एंड नज़दीक! डेडलाइन से 3 दिन पहले 3 खूंखार नक्सलियों का सरेंडर, अब जंगलों में छिपे हैं सिर्फ इतने चेहरे

कांकेर में नक्सल उन्मूलन अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। तीन नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। बीते तीन दिनों में 9 नक्सलियों के सरेंडर से नक्सल नेटवर्क कमजोर पड़ता दिख रहा है।

Kanker Naxal Surrender : लाल आतंक का द एंड नज़दीक! डेडलाइन से 3 दिन पहले 3 खूंखार नक्सलियों का सरेंडर, अब जंगलों में छिपे हैं सिर्फ इतने चेहरे

Kanker Naxal Surrender / Image Source : IBC24


Reported By: Amit Choubey,
Modified Date: March 28, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: March 28, 2026 7:43 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कांकेर में 3 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया।
  • एसीएम राधिका कुंजाम, संदीप कड़ियाम और पीएम रेनू पद्मा ने मुख्यधारा में वापसी की
  • बीते 3 दिनों में कुल 9 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।

कांकेर : Kanker Naxal Surrender  नक्सलवाद को जड़ से ख़तम करने का अभियान अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। डेडलाइन में अब महज तीन बाकि इसी बीच नक्सल प्रभावित ज़िले कांकेर में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। यहां तीन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया है। 2 SLR, 1 राइफल के साथ ACM राधिका कुंजाम,संदीप कड़ियाम ने सरेंडर कर दिया है वहीं PM रैनू पद्दा ने परतापुर थाना में सरेंडर किया है।

Chhattisgarh Naxal News Today, बीते 3 दिनों में 9 नक्सलियों ने किया सरेंडर

दरअसल आज सुबह एसीएम राधिका कुंजाम ,एसीएम संदीप कड़ियाम और पार्टी सदस्य रेनू पद्मा ने आत्म समर्पण किया है ,जिसके साथ ही नक्सलियों की आखिरी टीम भी बिखर चुकी है, बीते 3 दिनों में 9 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। पखांजूर एडिशनल एसपी राकेश कुर्रे ने बताया कि तीनों ही नक्सली परतापुर एरिया कमेटी में लंबे समय से सक्रिय रहे है उन्होंने शेष बचे नक्सलियों से भी अपील की है कि वो आत्म समर्पण कर दे।

Naxalite Paparao Surrenders ज़िले में अभी भी 17 नक्सली बाकी

आपको बता दें की नक्सल कमांडर पापराव के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगढ़ में अब कोई भी बड़ा नक्सली लीडर नहीं बचा है। इसी वजह से ऐसा माना जा रहा है कि, अब प्रदेश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका हैं लेकिन कांकेर ज़िले में अब भी हथियारबंद 17 नक्सली बाकी है। पपराव के सरेंडर के बाद कुछ दिनों पहले, कांकेर जिला अंतर्गत दो दिनों में राजनांदगांव–कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 05 माओवादी कैडर और मिलिट्री कंपनी-05 के 01 कैडर ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला लेते हुए आत्मसमर्पण किया था

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