‘चरित्र हनन’ का प्रयास है मेरे खिलाफ शिकायत : भाजपा पार्षद श्रीलेखा

‘चरित्र हनन’ का प्रयास है मेरे खिलाफ शिकायत : भाजपा पार्षद श्रीलेखा

‘चरित्र हनन’ का प्रयास है मेरे खिलाफ शिकायत : भाजपा पार्षद श्रीलेखा
Modified Date: February 27, 2026 / 04:12 pm IST
Published Date: February 27, 2026 4:12 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 27 फरवरी (भाषा) भाजपा पार्षद और केरल की पूर्व पुलिस महानिदेशक आर श्रीलेखा ने शुक्रवार को कहा कि एक बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज शिकायत ‘‘चरित्र हनन’’ का प्रयास है और पॉक्सो अधिनियम के तहत उन पर लगाया गया आरोप नहीं टिकेगा।

वह पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रही थीं। हाल ही में, यहां की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने आर जयचंद्रन द्वारा दायर शिकायत के आधार पर पुलिस को श्रीलेखा के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि श्रीलेखा ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो में यौन अपराध पीड़िता की पहचान उजागर की थी।

श्रीलेखा ने कहा कि उन्होंने बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है। उन्होंने कहा, ‘‘जब निर्भया योजना शुरू की गई थी, तब मैं यहां इसकी नोडल अधिकारी थी।’’

उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला कि 2020-21 के दौरान उनके यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में मृत बलात्कार पीड़िता का नाम लेने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

श्रीलेखा ने कहा, ‘‘मुझे पता चला कि यह किलीरूर मामले से संबंधित है, जिसकी जांच मेरे नेतृत्व वाली टीम ने की थी। इसकी जांच पहले केरल पुलिस ने की थी और बाद में सीबीआई को सौंप दी गई थी। इस मामले में आरोपियों को दोषी ठहराया गया था।’’

उन्होंने कहा कि हालांकि प्राथमिकी में पीड़िता को नाबालिग बताया गया था, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि वह नाबालिग नहीं थी और इसलिए पॉक्सो अधिनियम के तहत कोई मामला नहीं बनता।

पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा, ‘‘जब से मैंने राजनीति में कदम रखा है, तब से मेरी आलोचना हो रही है और मेरे चरित्र हनन के प्रयास किए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ, मुझे लगता है कि यह शिकायत इसी तरह की है।’’

श्रीलेखा ने कहा कि एक मां, एक महिला और एक पुलिस अधिकारी के रूप में उन्होंने कभी भी किसी महिला या बलात्कार पीड़िता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने वाला कोई काम नहीं किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि किलीरूर मामले में पीड़िता का नाम मीडिया में प्रकाशित हो चुका हैं और यह ऑनलाइन मंच पर मौजूद है।

भाषा

नेत्रपाल अविनाश

अविनाश


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