Sarrendered Naxalites Chhattisgarh News: इतिहास में पहली बार सरेंडर नक्सलियों ने रखा किसी विधानसभा में कदम.. गृहमंत्री बोले, ‘गनतंत्र की राह वाले आज लोकतंत्र के मंदिर में’..

Sarrendered Naxalites Chhattisgarh Vidhan Sabha: छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पहली बार विधानसभा कार्यवाही देखी, गृहमंत्री ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया।

Sarrendered Naxalites Chhattisgarh News: इतिहास में पहली बार सरेंडर नक्सलियों ने रखा किसी विधानसभा में कदम.. गृहमंत्री बोले, ‘गनतंत्र की राह वाले आज लोकतंत्र के मंदिर में’..

Sarrendered Naxalites Chhattisgarh Vidhan Sabha || Image- Kiran Singhdeo Twitter Files

Modified Date: February 27, 2026 / 06:36 pm IST
Published Date: February 27, 2026 6:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सरेंडर नक्सली पहुंचे विधानसभा भवन
  • गृहमंत्री बोले लोकतंत्र की जीत
  • पुनर्वास योजना से बदल रही जिंदगी

रायपुर: जंगलों में हथियार लेकर घूमने वाले माओवादियों के बारे में हमें ज्यादा कुछ मालूम नहीं। उनका रहन-सहन, उनकी आम दिनचर्या और उनकी मानसिकता को लेकर सिर्फ कयास लगाए जाते रहे हैं। हालांकि हमें इतना पक्के तौर पर मालूम है कि, वे लोकतंत्र और जनतंत्र के विरोधी रहे हैं। वे हथियार और बंदूक के बल पर समानांतर सरकार स्थापित करने की कोशिश करते हैं। वे पुलिस को चुनौती देते हैं, उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं और हर वक्त गृहयुद्ध छेड़ने की कोशिश में रहते हैं। वे आम नागरिकों की हत्याएं करते हैं। लूट-खसोट और वसूली उनके आय का साधन होता है। (Sarrendered Naxalites Chhattisgarh Vidhan Sabha) अपने इन कृत्यों को छिपाने और खुद के रास्ते को सही साबित करने के लिए जल, जंगल और जमीन के रक्षक होने का दावा करते हैं।

लेकिन क्या आपको यह मालूम है कि, जिन नक्सलियों ने हथियार छोड़ दिए, उनके साथ सरकार का क्या व्यवहार रहता है? पुनर्वास के तहत उन्हें क्या सुविधाएं मिलती हैं? वर्षों तक जंगलों में रहने वाले नक्सली जब आत्मसमर्पण करते हैं तो वे नए माहौल में खुद को कैसे ढाल पाते हैं? शायद आपको नहीं मालूम होगा। तो आइए जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में सरेंडर कर चुके नक्सली फिलहाल किस स्थिति में हैं और कहां हैं।

विधानसभा भवन पहुंचे आत्मसमर्पित नक्सली

दरअसल, छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली इन दिनों लोकतंत्र की प्रक्रिया से रूबरू हो रहे हैं। वे बाजारों की रौनक देख रहे हैं तो कभी गृहमंत्री के शासकीय आवास पर रात्रिभोज में शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में कदम रखा और सदन की पूरी कार्यवाही देखी। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और गृहमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर संभव हो सकी। यह पहला अवसर बताया जा रहा है जब आत्मसमर्पित नक्सलियों ने किसी राज्य विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष देखा और लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को समझा। कभी ‘गनतंत्र’ की राह पर चलने वाले इन पूर्व नक्सलियों ने लोकतंत्र को करीब से जाना और समझा। इस कार्यक्रम से जुड़े फोटो और वीडियो गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किए हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत देश के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों से माओवादी हिंसा समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाया जा रहा है। (Sarrendered Naxalites Chhattisgarh Vidhan Sabha) सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के प्रभाव से बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं कई मुठभेड़ों में वांछित नक्सली मारे गए हैं और अनेक गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

सरकार और पुलिस लगातार नक्सलियों से जंगल छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और हथियार समेत आत्मसमर्पण करने की अपील कर रही हैं। राज्य सरकारों ने पुनर्वास के लिए योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ लेकर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब समाज के साथ मिलकर सामान्य और बेहतर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।

Image

Image

Image

Image

इन्हें भी पढ़ें:-

Auqib Nabi Ranji Trophy Final: 10 मैचों में 60 विकेट… रणजी ट्रॉफी में बन गए सबसे बड़े मैच विनर, अब फाइनल में भी कहर बरपा रहा ये कश्मीरी गेंदबाज

CG Dhan Bonus 2026 Kab Milega: दूर हुई किसानों की होली मनाने की टेंशन! इस दिन खाते में आएगा धान बोनस का पैसा, खुद सीएम साय ने किया ऐलान

Silver Rate 26 February 2026: चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव! अचानक इतने रुपये बढ़ गए दाम, जानें कितना हुआ 10 ग्राम सिक्के का भाव? 

यह भी देखें:-

Chhattisgarh Guideline Rates 2026: आज से छत्तीसगढ़ में बदल गई जमीन की दरें! इन जिलों में नई गाइडलाइन लागू, सरकार ने जारी किया आदेश, जानें पूरी डिटेल

Delhi Liquor Scam Case News: केजरीवाल-सिसोदिया के बरी होने पर गरमाई सियासत, बीजेपी ने पूछा सवाल, कहा- ‘बेबुनियाद थे..तो आरोप कैसे तय किए?’

Holi Holiday 2026: होली पर 1 से 4 मार्च तक रहेगी छुट्टी, कर्मचारियों के खाते में आएगी त्योहार से पहले सैलरी, भाजपा सरकार ने दी बड़ी सौगात


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown