डॉक्टरों पर हमले की घटनाओं पर राज्यसभा में जताई गई चिंता
डॉक्टरों पर हमले की घटनाओं पर राज्यसभा में जताई गई चिंता
नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने देश में डॉक्टरों पर हमले की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से न केवल डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास कम होता है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का माहौल भी जटिल बन जाता है।
शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए बाजपेयी ने कहा कि डॉक्टर मरीजों की जान बचाते हैं और मरीज के लिए डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं होते। उन्होंने कहा ‘‘लेकिन डाक्टरों और मरीजों के परिजन के बीच कटुता बढ़ी है जिसके परिणामस्वरूप डॉक्टरों पर हमलों की घटनाएं हुई हैं। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में इस तरह की घटनाएं हुई हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डॉक्टरों पर हमलों की घटनाओं पर रोक बेहद जरूरी है क्योंकि इससे इलाज प्रभावित होता है, चिकित्सकों और मरीजों के परिजनों के बीच कटुता बढ़ी है। ऐसी घटनाएं डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास को कम करती हैं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के वातावरण को जटिल बनाती हैं।’’
बाजपेयी ने कहा कि एक राष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार, 7.9 फीसदी डॉक्टरों ने किसी न किसी तरह की हिंसा और दुर्व्यवहार का सामना किया है और 3.9 फीसदी मामलों में उन पर शारीरिक हमला हुआ।
उन्होंने कहा ‘‘चिंता की बात यह है कि 48 फीसदी घटनाओं में पुलिस में शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई क्योंकि डॉक्टरों का प्रशासनिक व्यवस्था में भरोसा नहीं है।’’
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में 2021 से 25 तक डॉक्टरों पर हमलों के 149; 2024 में 49 और 2025 में 48 मामले सामने आए। ‘‘ऐसी घटनाओं पर रोक जरूरी है।’’
बाजपेयी ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए कि इस तरह की घटनाएं न हों, अगर कुछ हुआ तो पीड़ित पक्ष को मुआवजा दिया जाए और राज्य स्तर पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में अपील की व्यवस्था हो तथा जिला स्तर पर मरीज डॉक्टर सुरक्षा समिति का गठन किया जाए।
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश

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