प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार हुए कांग्रेस नेता, नहीं डालेंगे जमानत के लिए याचिका:पार्टी

प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार हुए कांग्रेस नेता, नहीं डालेंगे जमानत के लिए याचिका:पार्टी

प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार हुए कांग्रेस नेता, नहीं डालेंगे जमानत के लिए याचिका:पार्टी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: October 3, 2020 7:04 am IST

पणजी, तीन अक्टूबर (भाषा) गोवा के एक होटल में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिलने को लेकर प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार हुए कांग्रेस नेता जमानत के लिए आवेदन नहीं करेंगे। पार्टी के एक पदाधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि गोवा प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी प्रमुख वराड मारडोलकर, गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के महासचिव संकल्प आमोनकर, पार्टी पदाधिकारी जनार्दन भंडारी समेत करीब 15 नेताओं को गोवा पुलिस ने मध्यरात्रि में गिरफ्तार कर लिया क्योकि ये सभी यहां के एक पांच सितारा होटल में जावड़ेकर से मिलने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। जावड़ेकर इसी होटल में ठहरे हैं।

जावड़ेकर यहां नए कृषि कानून के संबंध में कई बैठकों में शनिवार को हिस्सा लेने आए हैं। कांग्रेस नेता यहां करीब मध्यरात्रि में पहुंचे। वह कर्नाटक के साथ महादयी नदी को लेकर चल रहे विवाद पर मंत्री से मिलने की मांग कर रहे थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नेताओं को एहतियात के तौर पर गिरफ्तार किया गया था।

जीपीसीसी प्रमुख गिरीश चोडानकर ने कहा, ” गिरफ्तार किए गए नेता जमानत के लिए आवेदन नहीं करेंगे। कर्नाटक द्वारा अवैध तरीके से महादयी नदी की जलधारा को मोड़ने से बचाने की अपील करने के लिए वे मंत्री से मिलने गए थे।”

उन्होंने कहा, ” मंत्री को महादयी नदी के मुद्दे पर केंद्र सरकार का पक्ष बताना चाहिए।”

कांग्रेस नेता ने कहा, ” उच्चतम न्यायालय के आदेश और अंतर राज्यीय जल विवाद ट्रिब्यूनल के फैसले का उल्लंघन करते हुए कर्नाटक नदी की जलधारा को मोड़ रहा है।”

गिरफ्तार किए गए नेताओं में से एक जनार्दन भंडारी ने कहा कि वे पुलिस हिरासत में ही रहेंगे लेकिन जमानत के लिए याचिका नहीं डालेंगे।

उन्होंने कहा, ” हम जमानत नहीं चाहते हैं, हम महादयी – अपनी मां को अपने पास चाहते हैं।”

गोवा और कर्नाटक के बीच महादयी नदी के जल बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। अंतर राज्य जल विवाद ट्रिब्यूनल ने गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच जल के बंटवारे को लेकर अधिनिर्णय दिया। इस निर्णय के खिलाफ तीनों ही राज्यों ने उच्चतम न्यायालय में याचिका डाली है।

भाषा स्नेहा शाहिद

शाहिद


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