कांग्रेस नेताओं को केरल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर चर्चा से बचना चाहिए : बाबू

कांग्रेस नेताओं को केरल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर चर्चा से बचना चाहिए : बाबू

कांग्रेस नेताओं को केरल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर चर्चा से बचना चाहिए : बाबू
Modified Date: April 12, 2026 / 02:21 pm IST
Published Date: April 12, 2026 2:21 pm IST

कोच्चि, 12 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. बाबू ने रविवार को कहा कि पार्टी नेताओं को केरल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर चर्चा करने से बचना चाहिए क्योंकि लोग इस समय ऐसी बातें स्वीकार नहीं करेंगे।

केरल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान नौ अप्रैल को हुआ था और इसके नतीजे चार मई को घोषित किए जाएंगे।

स्वेच्छा से चुनावी राजनीति से दूरी बनाते हुए बाबू ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा। वह पहले त्रिपुनिथुरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पेश किए बिना एकजुट होकर चुनाव लड़ा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी भी तरह की चर्चा की अभी कोई प्रासंगिकता नहीं है और ये बातें केवल चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) में मुख्यमंत्री चुनने की व्यवस्था अलग-अलग है।

उन्होंने कहा, ‘‘माकपा में मुख्यमंत्री पद के लिए आमतौर पर केवल एक ही नाम होता है, जिसका फैसला पोलित ब्यूरो करता है और कोई वैकल्पिक नाम नहीं होता।’’

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत कांग्रेस में कई सक्षम नेता हैं जो मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

बाबू ने दोहराया कि इस चरण में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर कोई चर्चा नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘बदलाव चाहने वाले मतदाता ही यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) को सत्ता में लाएंगे। पिछले 10 वर्ष में कठिनाइयों का सामना कर चुके मतदाता और कांग्रेस कार्यकर्ता इस समय ऐसी चर्चा स्वीकार नहीं करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी बहस से बचना चाहिए, जिससे मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना आहत हो सकती हो।

भाषा

सिम्मी गोला

गोला


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