‘देशभक्ति से जुड़ी हर चीज का विरोध करना कांग्रेस की नीति’: वंदे मातरम् के ‘अपमान’ को लेकर भाजपा
‘देशभक्ति से जुड़ी हर चीज का विरोध करना कांग्रेस की नीति’: वंदे मातरम् के ‘अपमान’ को लेकर भाजपा
नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को आरोप लगाया कि देशभक्ति से जुड़ी किसी भी चीज का विरोध करना कांग्रेस की नीति है और सवाल किया कि भारत की संप्रभुता और अखंडता में विश्वास रखने वाला कोई व्यक्ति स्वतंत्रता दिवस पर ‘वंदे मातरम’ गाने से क्या ‘नाराज’ होगा।
सत्तारूढ़ दल भाजपा ने मांग की कि यदि कांग्रेस में जरा भी देशभक्ति है तो वह राष्ट्रगीत के ‘‘अपमान’’ के लिए 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
इस टिप्पणी से पहले भाजपा ने आरोप लगाया था कि शनिवार को पार्टी के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम गाए जाने पर कांग्रेस नेताओं– सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने उसके प्रति ‘घोर अनादर’ दिखाया।
कांग्रेस ने यह कहते हुए इस आरोप को खारिज किया कि राष्ट्र गीत का पूरा संस्करण गाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी, बल्कि सोनिया गांधी सिर्फ पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि वह कुछ समय से खड़े थे।
पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने यहां एक प्रेसवार्ता में कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर राहुल और सोनिया गांधी द्वारा वंदे मातरम का विरोध ‘दिमागी नक्सल समर्थन तंत्र’ वाली मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या कोई देशभक्त, कोई भी भारतीय जो भारत के संविधान में विश्वास रखता हो, तिरंगे का सम्मान करता हो, भारत के स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करता हो और भारत की संप्रभुता और अखंडता में यकीन रखता हो, वह कभी स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम गाने से नाराज़ हो सकता है?’’
भंडारी ने कहा,‘‘कांग्रेस ने न सिर्फ आजादी की लड़ाई लड़ने वालों का ही नहीं, बल्कि देश के संविधान, उसकी संप्रभुता और अखंडता एवं देश के 140 करोड़ लोगों का भी अपमान किया है।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में लालकिला की प्राचीर से अपने संबोधन में व्यवस्था में घुसपैठ कर चुके ‘‘दिमागी नक्सलियों’ के ख़िलाफ चेतावनी दी थी और लोगों से उन्हें पहचानने एवं अलग-थलग करने की अपील की थी।
भंडारी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ गायन को रोकने का इशारा किया और बाद में जब यह जारी रहा तो उन्होंने नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप वीडियो को ध्यान से देखें, तो जब कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी ने हाथ से इशारा करके उन्हें रुकने के लिए कहा। उन्होंने इशारा किया कि कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ का गायन रोक दिया जाना चाहिए।’’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जब उनकी (सोनिया गांधी की) बात नहीं सुनी गई, तो उन्होंने दूसरी बार इशारा किया और कहा कि इसे रोका जाना चाहिए।’’
भंडारी ने दावा किया कि ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के बाद राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना जा सकता था कि ‘‘हमें वंदे मातरम गाने की जरूरत नहीं है’’ ।
भाजपा प्रवक्ता ने मीडिया के सामने एक कथित ऑडियो क्लिप भी चलाई।
उन्होंने कहा कि सोनिया और राहुल गांधी को 24 घंटे के भीतर हर उस देशभक्त भारतीय से माफ़ी मांगनी चाहिए जो कांग्रेस के रवैये से ‘‘बेहद नाराज और गुस्से में’’ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम का कांग्रेस का विरोध, देशभक्ति से जुड़ी हर चीज़ का विरोध करने की उसकी नीति का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी विपक्ष के नेता बनने के लायक हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस सरकार ने एक सरकारी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया, जिससे पता चलता है कि पार्टी के मुख्यालय में हुआ व्यवहार कोई अकेली घटना नहीं थी।
भंडारी ने मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की। चिदंबरम ने रविवार को कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है।
भाषा राजकुमार अमित
अमित

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