अगले गोवा विधानसभा चुनाव के लिए समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन को तैयार कांग्रेस

अगले गोवा विधानसभा चुनाव के लिए समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन को तैयार कांग्रेस

अगले गोवा विधानसभा चुनाव के लिए समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन को तैयार कांग्रेस
Modified Date: June 27, 2026 / 03:30 pm IST
Published Date: June 27, 2026 3:30 pm IST

पणजी, 27 जून (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि वह 2027 के गोवा विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ लड़ने के इच्छुक किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है, बशर्ते समान विचारधारा पर आधारित एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर सहमति हो।

गोवा कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने कहा कि पार्टी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडणकर को समान विचारधारा वाले दलों के साथ बातचीत करने के लिए अधिकृत किया है।

माणिकराव ठाकरे ने कहा, ‘सभी से विचार-विमर्श के बाद हमने यह निर्णय लिया है कि जो भी राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहता है, उसके साथ गठबंधन करने के लिए हम तैयार हैं। हालांकि इसके लिए हमारा समान विचारधारा पर आधारित एक साझा कार्यक्रम होना चाहिए, ताकि हम मिलकर चुनाव लड़ सकें।’

उन्होंने कहा कि समिति ने पार्टी की चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा की और राज्यभर में संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि चुनाव की तैयारियों के लिए गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा।

ठाकरे ने बताया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, जो पार्टी की चुनाव समिति के अध्यक्ष हैं, को चुनावी रणनीति और कार्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने गोवा की भाजपा सरकार पर भी हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह जनता के हित में काम करने में विफल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘हम गोवा के लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि कांग्रेस उनके साथ है और उनकी चिंताओं को समझती है। गोवा के लोगों का कहना है कि यह सरकार जनता के हित में काम नहीं कर रही है। सरकार पूरी तरह विफल रही है।’

कांग्रेस ने 2022 के विधानसभा चुनाव में गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था और 11 सीटें जीती थीं। हालांकि, चुनाव के बाद जल्द ही उसके आठ विधायकों के भाजपा में शामिल हो जाने के कारण 40 सदस्यीय सदन में उसके पास केवल तीन विधायक ही रह गए।

भाषा तान्या गोला

गोला


लेखक के बारे में